खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने गंभीर अनियमितताएं मिलने पर शिवम एग्रो और टीसीएफ चॉकलेट्स एंड गिफ्ट्स के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं। टीसीएफ के यहां गंदगी, कीटों का प्रकोप, समय सीमा समाप्त खाद्य सामग्री और जरूरी दस्तावेजों की कमी मिली। शिवम एग्रो में भी कचरा, गंदा पानी, खराब उपकरण और बंद प्रयोगशाला जैसी खामियां सामने आईं। दोनों कंपनियों को निलंबन की अवधि में खाद्य कारोबार बंद रखने का निर्देश दिया गया है।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने शिवम एग्रो और टीसीएफ चॉकलेट्स एंड गिफ्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं। एक अक्तूबर को जारी जानकारी के अनुसार, निरीक्षण के दौरान दोनों कंपनियों में खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई से जुड़ी गंभीर अनियमितताएं मिलीं। प्राधिकरण ने साफ-साफ कहा कि लाइसेंस निलंबित रहने के दौरान दोनों कंपनियां खाद्य कारोबार से जुड़ी कोई गतिविधि नहीं कर सकेंगी।
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टीसीएफ चॉकलेट्स के खिलाफ जांच क्यों हुई?
एफएसएसएआई के मुताबिक, टीसीएफ चॉकलेट्स एंड गिफ्ट्स के खिलाफ एक उपभोक्ता ने ऑनलाइन खरीदारी के माध्यम से मंगाए गए खाद्य पदार्थ को लेकर शिकायत की थी। इसके बाद अधिकारियों ने कंपनी के परिसर का निरीक्षण किया। जांच में खाद्य पदार्थ तैयार करने वाले स्थानों पर सफाई की कमी, कचरे के अनुचित निपटान और रखरखाव में लापरवाही जैसी खामियां सामने आईं।
टीसीएफ चॉकलेट्स के परिसर में क्या-क्या मिला?
गंदगी और खराब रखरखाव: खाद्य पदार्थ तैयार करने वाले स्थानों पर पर्याप्त सफाई नहीं थी। कचरे का निपटान भी सही तरीके से नहीं किया जा रहा था।
कीटों का प्रकोप: कीटों से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। परिसर में बिल्ली का मल मिला और नालियां खुली हुई थीं।
समय सीमा समाप्त सामग्री: खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाले कुछ रंग और स्वाद बढ़ाने वाले पदार्थों की उपयोग अवधि समाप्त हो चुकी थी।
रसायनों का अनुचित भंडारण: सफाई में इस्तेमाल होने वाले रसायन कच्चे माल और खाद्य सामग्री से जुड़ी वस्तुओं के पास रखे गए थे।
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खाद्य सुरक्षा से जुड़े दस्तावेजों में क्या कमी मिली?
प्राधिकरण के अनुसार, खाद्य पदार्थ तैयार करने वाले कर्मचारी के पास पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं थे। कंपनी निरीक्षण के दौरान कई अनिवार्य खाद्य सुरक्षा रिकॉर्ड भी प्रस्तुत नहीं कर सकी। इनमें कीट नियंत्रण, सफाई, कर्मचारियों की चिकित्सकीय जांच, प्रशिक्षण, उपकरणों के अंशांकन, प्रयोगशाला परीक्षण और लेखा-परीक्षण से जुड़े दस्तावेज शामिल थे। इसके अलावा, कंपनी के कई खाद्य उत्पादों के लेबल पर भी खामियां पाई गईं।
शिवम एग्रो में जांच के दौरान क्या सामने आया?
शिवम एग्रो के परिसर में भी साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी गंभीर कमियां दर्ज की गईं। निरीक्षण में सामने आई प्रमुख खामियां इस प्रकार थीं:-
गंदगी और जलभराव: परिसर में मक्खियां, कचरा और जमा हुआ गंदा पानी मिला। मकड़ियों का प्रकोप भी देखा गया। फर्श, उपकरणों, दीवारों और छत की पर्याप्त सफाई नहीं की जा रही थी।
कारोबार से जुड़ी अन्य खामियां: कीट नियंत्रण के कमजोर इंतजाम, खाद्य सामग्री रखने की अनुचित व्यवस्था, खराब उपकरण, काम नहीं करने वाली प्रयोगशाला और उत्पादों के लेबल में विसंगतियां मिलीं।
इन अनियमितताओं के आधार पर प्राधिकरण ने शिवम एग्रो का लाइसेंस भी निलंबित कर दिया। एफएसएसएआई ने बताया कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए पिछले छह महीनों में खाद्य कारोबार से जुड़ी इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई तेज की गई है। प्राधिकरण इन कार्रवाइयों की जानकारी सामाजिक माध्यमों के जरिये आम लोगों तक भी पहुंचा रहा है।