मुख्यमंत्री पद पर शिवसेना का दावा ठोकते हुए उन्होंने कहा कि आखिरी वक्त में बाला साहेब को उन्होंने वचन दिया था कि एक न एक दिन मुख्यमंत्री पद पर शिवसैनिक को जरूर बैठाऊंगा। इस वचन को पूरा करने की कसम खाई है। अगर शिवसैनिक उनके साथ हैं तो वह अपनी मर्जी के फैसले ले सकते हैं। उन्होंने शिवसैनिकों से कहा कि अगर हम भाजपा के साथ मिलकर लड़ते हैं तो उनके साथ अपनी ताकत लगानी है और हमें उम्मीद है कि भाजपा के लोग भी हमारे साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे। उन्होंने कहा कि हम शिवसैनिक हैं और हमारे अंदर कपट नहीं है।
कांग्रेस को भी इंतजार
कांग्रेस भी भाजपा-शिवसेना के सीट बंटवारे का इंतजार कर रही है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस 125 सीटों पर उम्मीदवारों की सूची दिल्ली में बना चुकी है, मगर उसे रोके हुए है। पार्टी रणनीतिकारों को उम्मीद है कि भाजपा-शिवसेना मिलकर लड़ती हैं तो कई प्रमुख नेता टिकट से वंचित रह जाएंगे और वे टूटकर उनके पाले में सकते हैं। कांग्रेस-एनसीपी मिलकर चुनाव लड़ रही हैं। 288 में से दोनों 125-125 सीटों पर लड़ेंगी। जबकि उन्होंने 38 सीटें साथी दलों के लिए छोड़ी हैं।