सिंचाई घोटाले में फंसे महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार को नौ मामलों में मिली क्लीन चिट की खबरों पर महाराष्ट्र एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने सफाई दी है। सोमवार को ऐसी चर्चा होने लगी थी कि एसीबी ने अजित पवार के खिलाफ भ्रष्टाचार के नौ मामलों में जांच बंद कर दी है।
मगर कुछ ही देर बाद एसीबी ने स्थिति साफ करते हुए कहा कि जिन मामलों को सोमवार को बंद किया गया है, उनमें से किसी में भी अजित पवार का नाम नहीं था। एसीबी के महानिदेशक परमबीर सिंह ने क्लीन चिट की खबरों का खंडन करते हुए बताया कि इन नौ मामलों में उनका नाम नहीं था।
इससे पहले एसीबी के सूत्रों के हवाले से खबर आई थी कि सिंचाई घोटाले से जुड़े कुछ मामलों को सशर्त बंद कर दिया गया है। हालांकि भविष्य में जरूरत पड़ने या अतिरिक्त जानकारी मिलने पर फिर से जांच शुरू की जा सकती है।
3000 प्रोजेक्ट जांच के घेरे में
एसीबी सूत्रों ने जानकारी दी है कि अजित पवार के मंत्री रहने के दौरान शुरू हुए 3000 सिंचाई प्रोजेक्ट की जांच जारी है। इनमें से सिर्फ नौ में अजित पवार का नाम नहीं है और इन्हें ही बंद किया गया है। एसीबी ने पाया कि इन नौ मामलों में अजित पवार का कोई लेना देना नहीं है।
महाराष्ट्र एसीबी के महानिदेशक परमबीर सिंह ने भी कहा कि हम सिंचाई से संबंधित 3000 टेंडर की जांच में जुटे हुए हैं। आज जो मामले बंद किए गए हैं, वह एक नियमित प्रक्रिया है। बाकी मामलों की जांच आगे जारी रहेगी।
मोदी है तो मुमकिन है : सुरजेवाला
इस बीच कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भाजपा पर तंज कसा। उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'भाजपा-अजित पवार द्वारा महाराष्ट्र के प्रजातंत्र चीरहरण अध्याय की असलियत उजागर। एक नाजायज सरकार द्वारा एंटी करप्शन ब्यूरो को सब मुकदमे बंद करने का आदेश। खाएंगे और खिलाएंगे भी क्योंकि यह ईमानदारी के लिए जीरो टोलरेंस वाली सरकार है। मोदी है तो मुमकिन है।'