महाराष्ट्र में तीन दलों की महाविकास आघाड़ी सरकार में एक बार फिर तकरार बढ़ गई है। तनाव की यह स्थिति कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार की टिप्पणी से पैदा हुई है। पवार के बयान के बाद कांग्रेस खफा हो गई है और एनसीपी को चेतावनी दी है कि अगर राज्य में स्थिर सरकार चाहते हैं तो कांग्रेस के शीर्ष नेता पर अनावश्यक टिप्पणी करना बंद करें।
एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने एक मराठी मीडिया को दिए साक्षात्कार में राहुल गांधी की राजनीतिक क्षमता को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी में काफी हद तक निरंतरता की कमी है। पवार का यह बयान अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के कुछ दिन बाद आया। इसलिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पवार का बयान ज्यादा बुरा लगा।
इससे पहले ओबामा ने अपनी किताब में लिखा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी में एक ऐसे घबराए हुए और अनगढ़ छात्र के गुण हैं जो अपने टीचर को प्रभावित करने की पूरी कोशिश करते हैं लेकिन उनमें विषय (राजनीति) में महारत हासिल करने की योग्यता और जुनून की कमीं है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर शरद पवार के टिप्पणी से विफरी कांग्रेस को शिवसेना प्रवक्ता ने नया मोड़ दे दिया है। उन्होंने कहा, शरद पवार बहुत बड़े नेता हैं। अगर उनके जैसा अनुभवी नेता किसी भी राजनेता के बारे में कोई टिप्पणी करता है को उसे उनका मार्गदर्शन समझा जाना चाहिए। राहुल गांधी पर इस तरह की टिप्पणी हमेशा होती हैं। इस पर कांग्रेस को चिंतन करना चाहिए।