मीटू मामले में पत्रकार प्रिया रमानी ने शनिवार को दिल्ली की एक अदालत में कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री एम जे अकबर जो दिखाते हैं, वह उनकी वास्तविक छवि नहीं है। दिल्ली की एक अदालत में पूर्व केंद्रीय मंत्री अकबर द्वारा प्रिया रमानी के खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि की शिकायत के मामले में सुनवाई हुई। इस दौरान रमानी ने कहा कि अकबर की अच्छी साख नहीं थी जैसा वह दावा कर रहे हैं।
एम जे अकबर पर करीब 20 साल पहले यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाने वाली रमानी ने मामले में अंतिम सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता रेबेका जॉन के माध्यम से यह बात कही।
प्रिया रमानी ने दावा किया कि कई महिलाओं ने अकबर पर यौन कदाचार का आरोप लगाया है और पूर्व केंद्रीय मंत्री के अनुसार यदि वह विवाहित होते हुए किसी और के साथ सहमति से भी संबंध रख रहे थे, तो अच्छी साख वाली बात नहीं है। रमानी ने कहा था कि अकबर के खिलाफ उनके आरोप उनकी सच्चाई है।
जॉन ने अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट रवींद्र कुमार पांडेय से कहा कि कम से कम 15-16 महिलाओं ने अकबर के खिलाफ ट्वीट किए। उनके अनुसार, अकबर के एक जूनियर के साथ संबंध थे, जो उनसे 20 साल छोटी थी। यह अच्छी प्रतिष्ठा की बात नहीं है। उन्होंने दावा किया कि कई महिलाओं ने अकबर पर आरोप लगाए, लेकिन उन्होंने केवल रमानी के खिलाफ ही मामला दाखिल किया।
अगली सुनवाई 10 दिसंबर को
मामले की सुनवाई अधूरी रही और अदालत 10 दिसंबर को मामले पर सुनवाई करेगी। बता दें कि अकबर ने 15 अक्तूबर, 2018 को रमानी के खिलाफ शिकायत दायर की थी। उन्होंने दो दिन बाद केंद्रीय मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था।
उन्होंने पहले अदालत में कहा था कि रमानी ने उनके लिए मीडिया का सबसे बड़ा शिकारी जैसे विशेषणों का इस्तेमाल करके उन्हें बदनाम किया है और उनकी साख को नुकसान पहुंचाया है। अकबर ने अपने खिलाफ यौन उत्पीड़न के समस्त आरोपों से इनकार किया है।