वरिष्ठ पार्टी नेता और परली से विधायक धनंजय मुंडे भी शरद की अध्यक्षता में हुई बैठक में शामिल हुए। कहा जा रहा है कि अजित की भाजपा से दोस्ती कराने में उनकी अहम भूमिका थी। वह फडणवीस सरकार में मंत्री रह चुकी पंकजा मुंडे के चचेरे भाई हैं।
शरद की प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी पहुंचे थे तीन बागी विधायक
इससे पहले दोपहर में शरद पवार की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भी तीन बागी विधायक मौजूद थे। इनमें से शिंगणे ने बताया कि वह जब राजभवन पहुंचे तो वहां आठ से 10 विधायक पहले से मौजूद थे। हमसे किसी को भी नहीं पता था कि हमें यहां क्यों लाया गया है। शपथ ग्रहण के बाद हम पवार साहेब से मिलने पहुंचे। अजित के बुलाने की वजह से यह गलतफहमी में सबकुछ हुआ।
विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव में ही गिर जाएगी भाजपा सरकार : मलिक
बैठक के बाद एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि शरद पवार की अध्यक्षता में प्रस्ताव पारित किया गया कि अजित पवार ने जो निर्णय लिया है, वह ठीक नहीं है। अभी पांच विधायक हमारे संपर्क में नहीं हैं। उनसे संपर्क साधने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि फडणवीस सरकार विधानसभा में अध्यक्ष के चुनाव के दिन ही गिर जाएगी। हमें विश्वास है कि राज्य में शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी की ही सरकार बनेगी।