अब्दुल सत्तार ने कहा, मुझे उन फैसलों के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, जो मेरे कार्यकाल के दौरान नहीं लिए गए। आरोपों के पीछे मेरी अपनी ही पार्टी का एक व्यक्ति, कुछ विपक्षी लोगों और मेरे अन्य 'शुभचिंतकों' का हाथ है।
महाराष्ट्र के कृषि मंत्री अब्दुल सत्तार ने शनिवार को दावा किया कि उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वालों में उनकी ही पार्टी के एक नेता शामिल हैं। यह बात उन्होंने शनिवार को एक मराठी समाचार चैनल से बात करते कही।
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हालांकि, सत्तार ने किसी का नाम नहीं लिया और कहा कि उन्होंने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से शिकायत की थी। बॉम्बे हाईकोर्ट ने भूमि विवाद में सत्तार के फैसले पर रोक लगाई थी। इसके बाद राज्य विधानसभा में शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्ष ने उन्हें निशाना बनाया था।
शिंदे गुट की शिवसेना के नेता सत्तार ने कहा, मुझे उन फैसलों के लिए जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, जो मेरे कार्यकाल के दौरान नहीं लिए गए। आरोपों के पीछे मेरी अपनी ही पार्टी का एक व्यक्ति, कुछ विपक्षी लोगों और मेरे अन्य 'शुभचिंतकों' का हाथ है।
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उन्होंने ने बताया कि मुख्यमंत्री आवास पर हुई गोपनीय बातचीत लीक हो गई थी और उन्होंने शिंदे से इस मामले को देखने का अनुरोध किया था। सत्तार ने आगे कहा, कुछ लोग हैरान हैं कि अल्पसंख्य समुदाय के एक सदस्य को इतना महत्वपूर्ण पोर्टफोलियो मिला है। उन्हें लगता है कि अगर मैं चला गया तो उन्हें मेरा मंत्रालय मिल सकता है। हालांकि उन्होंने कहा, मैं किसी का नाम नहीं लूंगा।
इस आरोप पर कि उन्होंने एक भूमि विवाद में अवैध आदेश पारित किया, सत्तार ने कहा, मैंने भूख से मर रहे 19 परिवारों को जमीन दी है। उनके पास कब्जे का सबूत था और यहां तक कि अन्य सबूतों को भी सत्यापित किया गया था। हाईकोर्ट ने हाल ही में एक दीवानी अदालत के आदेश के खिलाफ सत्तार को नोटिस जारी किया था। सत्तार ने पिछली उद्धव ठाकरे सरकार में मंत्री रहते हुए आदेश दिया था।