तमिलनाडु के मंत्री सेंथिल बालाजी (फाइल)
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मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु केमंत्री सेंथिल बालाजी को लेकर कड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि अब बालाजी के मंत्री बने रहने से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होगा। सेंथिल बालाजी का मंत्री बने रहना सुशासन और प्रशासन में शुचिता के सिद्धांतों के लिए अच्छा संकेत नहीं है। मुख्य न्यायाधीश एसवी गंगापुरवाला और जस्टिस पीडी औडिकेसवालु की पीठ ने दो अधिवक्ताओं और पूर्व अन्नाद्रमुक सांसद डॉ जे जयवर्धन की याचिकाओं का निपटारा करते हुए यह टिप्पणी की।
जयवर्धन और वकील रामचंद्रन ने याचिकाओं में यह सवाल उठाया गया था कि बालाजी किस अधिकार के तहत बिना विभाग के मंत्री का पद संभाल रहे हैं। अधिवक्ता एमएल रवि ने भी एक जनहित याचिका में बालाजी को बर्खास्त करने संबंधी और फिर इसे स्थगित रखने के तमिलनाडु के राज्यपाल के आदेश को निरस्त करने का निर्देश दिए जाने का आग्रह किया था।