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यौन शोषण के खिलाफ बड़ा कदम, जज ने सभी सरकारी दफ्तरों और अफसरों के चैंबर में कैमरे लगाने का आदेश दिया

Sat, 16 Feb 2019 01:19 PM IST
Shilpa Thakur न्यूज डेस्क, अमर उजाला
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Madras high court
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देश में महिलाओं के साथ यौन शोषण के मामले आए दिन सामने आते रहते हैं। इसकी रोकथाम के लिए मद्रास हाईकोर्ट के जज ने एक अनोखी मिसाल पेश की है। हाईकोर्ट के जस्टिस एसएम सुब्रहमण्यम कार्यस्थल पर यौन प्रताड़ना के मामले में सुनवाई कर रहे थे। जिसमें उन्होंने तमिलनाडु के सभी सरकारी दफ्तरों और अफसरों के चैंबर में सीसीटीवी कैमरे लगाने का आदेश दिया है। 

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जज ने महात्मा गांधी के संदेश 'कथनी से करनी भली' का हवाला देते हुए ये आदेश सुनाया। जज ने कहा कि कैमरे लगाने की शुरुआत उनके चैंबर से होनी चाहिए। उन्होंने आदेश दिया कि हाईकोर्ट के अफसरों को दो हफ्ते के भीतर अपने चैंबर में सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे।        

जस्टिस सुब्रमण्यम ने गांधीजी का संदेश देते हुए कहा, "बहुत सारे उपदेशों से थोड़ा सा अभ्यास बेहतर होता है। तमिलनाडु के मुख्य सचिव राज्य के सभी बड़े सरकारी अफसरों के दफ्तर और चैंबरों में सीसीटीवी लगवाएं ताकि कार्यस्थल पर यौन शोषण की परेशानी से सख्ती से निपटा जा सके।"

ऐसा करना जरूरी हो गया है

उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए ऐसा करना जरूरी हो गया है। जस्टिस सुब्रमण्यम अदालत में एक महिला पुलिस सुपरिंटेंडेंट और एक आईपीएस अफसर एस. मुरुगन की तरफ से दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रहे थे। महिला अधिकारी ने अपने सीनियर पुलिस अफसर के खिलाफ यौन शोषण की शिकायत की है।

दोषी पाए जाने पर हो कार्यवाही

जस्टिस ने इस मामले में इंटरनल कंप्लेंट कमेटी (आईसीसी) और सीबी-सीआईडी को जांच करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि महिला पुलिस अधिकारी जब ऐसे बयान देती हैं तो न केवल इस मामले में गंभीरता से जांच होनी चाहिए बल्कि आरोपी के दोषी पाए जाने पर उसके खिलाफ कार्यवाही भी की जानी चाहिए। इसके साथ ही आईपीएस अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही का काम राज्य के मुख्य सचिव को सौंपा गया है। अधिकारी के खिलाफ सेवा नियमों के तहत कार्रवाही की जाएगी।

कार्यस्थल पर गंभीर है यौन शोषण की समस्या

देश में शुरु हुए मीटू अभियान में कई महिलाओं ने कार्यस्थल पर होने वाले यौन शोषण के खिलाफ आवाज उठाई थी। सोशल मीडिया पर महिलाओं ने अपने कार्यस्थल के अधिकारियों पर गंभारी आरोप लगाए थे। देशभर में कई लोगों के खिलाफ शिकायत भी दर्ज हुई थी। इस मामले में नेता से लेकर अभिनेता तक पर आरोप लगे थे। 

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अगर मद्रास हाईकोर्ट के जज के चैंबर में कैमरे लग जाते हैं तो कैमरे की निगरानी में काम करने वालो वो देश के पहले जस्टिस होंगे। इसके साथ ही तमिलनाडु भी देश का ऐसा पहला राज्य बन जाएगा, जहां के सभी दफ्तरों में सीसीटीवी लगे होंगे।

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