मद्रास हाईकोर्ट ने सोमवार को सलेम मंदिर में एक बीमार हाथी को 'दया मृत्यु' देने की अनुमति दी है। पशु चिकित्सकों ने यह प्रमाणित किया है कि हाथी को ठीक नहीं किया जा सकता है और उसका जीवित रहना केवल उसे पीड़ा देगा।
मद्रास हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस कुदोसे ने पशु प्रेमी और इंडियन सेंटर फॉर एनीमल राइट्स एण्ड एजुकेशन के फाउंडर एस मुरलीधरन की याचिका को स्वीकार कर लिया। मुरलीधरन ने कहा कि हाथी बहुत बीमार है और उसे चलने में बहुत परेशानी हो रही है।
मुरलीधरन ने यह भी कहा कि अगर ऐसे में हाथी को जिंदा रखा जाता है तो यह जानवरों के लिए क्रूरता अधिनियम, 1960 की रोकथाम का उल्लंघन होगा। इसलिए हाथी को दया मृत्यु देना ही सही है।