वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के चलते जीवनशैली में कई तरह के बदलाव आए हैं। देश में धूमधाम से मनाए जाने वाले ज्यादातर त्योहार अब कोरोना से बचाव संबंधी नियमों का पालन करते हुए बेहद साधारण तरीके से मनाए जा रहे हैं। खास बात यह है कि कोरोना संकट के बीच कई सकारात्मक पहल भी देखने को मिली हैं। मध्यप्रदेश के इंदौर में इस वर्ष महाशिवरात्रि के पर्व को 'संयुक्त परिवार दिवस' के रूप में मनाया गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शुरू किए गए इस आयोजन को ऑनलाइन आयोजित किया।
इस कार्यक्रम के आयोजक कृष्णा मिश्रा गुरुजी ने बताया कि इस बार महाशिवरात्रि पर्व को संयुक्त परिवार दिवस के रूप में मनाया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में एकल परिवार का चलन बढ़ गया है। शिव परिवार को देखकर 'वसुधैव कुटुंबकम' की भावना आती है और हमारे पर्व-त्योहार कोई न कोई संदेश देते हैं, इसलिए महाशिवरात्रि पर्व को संयुक्त परिवार दिवस के रूप में मनाया गया।
ब्रिटिश सांसद ने बोले- सराहनीय पहल
बद्रीनाथ-केदारनाथ के धर्माधिकारी उनियाल भुवन जी ने बताया कि महाशिवरात्रि पर्व ही विषमता में समता देखने का है। भारतीय मूल के ब्रिटिश सांसद वीरेंद्र शर्मा ने बताया, मेरा लंदन में भी सयुक्त परिवार है। महाशिवरात्रि को संयुक्त परिवार दिवस के तौर पर मनाए जाने की सोच सराहनीय है। इससे समाज को एक संयुक्त दिशा मिलेगी।जूही डूंगर वाल ने बताया कि वर्तमान में हालत बड़े ही खराब हैं। बच्चों को अपने दादा-दादी और नाना-नानी का नाम नहीं मालूम होता है। ऐसे में यह पहल बेहद सराहनीय है।
बजाज परिवार के योगेश ने बताया कि संयुक्त परिवार के मुखिया को नीलकंठ बनना पड़ता है।आज की सोच सिर्फ मेरा पति मेरा बेटा न्यूक्लियर परिवार पर आधारित होती जा रही है, अगर वक्त रहते हम नही संभले, तो रिश्ते ही खत्म हो जाएंगे।