नवरात्रि के पहले दिन 3 अक्टूबर से पूरे देश भर में रामलीलाओं का मंचन भी प्रारंभ हो रहा है। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने सभी रामलीला कमेटियों को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि रामलीला के मंच पर रामायण के रचयिता भगवान वाल्मीकि का चित्र लगाया जाए और प्रतिदिन रामलीला का मंचन शुरू होने पर सबसे पहले भगवान वाल्मीकि की पूजा की जाए।
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रामलीला की प्रबंध समितियों में वाल्मीकि समुदाय के साथ-साथ हिंदू समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, इसके लिए भी रामलीला कमेटियों को निर्देश दिए गए हैं। माना जा रहा है कि इसके जरिए विहिप जातियों में विभाजित हिंदू समुदाय को एक साथ एक सूत्र में जोड़ने की कोशिश कर रहा है।
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के वरिष्ठ नेता कपिल खन्ना ने अमर उजाला से कहा कि भगवान राम का जीवन हिंदू समाज के लिए और पूरे विश्व के लिए कल्याण का मार्ग दिखाता है। लेकिन भगवान के जीवन चरित का यह ज्ञान भगवान वाल्मीकि के द्वारा ही दुनिया को प्राप्त हुआ है, इसलिए सबको भगवान वाल्मीकि की पूजा-अर्चना करनी चाहिए।
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उन्होंने कहा कि अकेले दिल्ली में लगभग 600 रामलीला कमेटियों ने विहिप के इस प्रस्ताव के अनुसार कार्य करने पर अपनी स्वीकृति दी है। पिछले वर्ष शुरू की गई इस कोशिश को पूरे समाज से व्यापक समर्थन मिल रहा है। अब इसे राष्ट्रीय स्वरूप दिए जाने पर विचार किया जा रहा है।