संसद का पांच दिवसीय सत्र शुरू हो चुका है। पहले दिन, पुराने भवन में कार्यवाही चली। लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चर्चा की शुरुआत की। वहीं, संसद के विशेष सत्र में विपक्षी नेताओं ने जमकर सरकार पर हमला किया। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि नेहरू जी का मानना था कि अगर मजबूत विपक्ष नहीं है तो यह ठीक नहीं है। अब जब एक मजबूत विपक्ष है, तो उसे जांच एजेंसियों के माध्यम से कमजोर करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। वहीं, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने पूछा कि ये भारत, इंडिया का मुद्दा कहां से उठ गया है?
हम लोग इंडिया हैं
उन्होंने कहा कि यहां मुझे कम नेताओं को सुनने का मौका मिला। प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू जब प्रधानमंत्री थे, तो देश की नींव पड़ रही थी। जो पत्थर नींव में पड़ते हैं वे नहीं दिखते। जो दीवार पर लिखे जाते हैं वही दिखते हैं। उन्होंने सभापति से कहा कि आप बहुत दिलदार हैं। आपसे गुजारिश करता हूं कि संजय सिंह और राघव चड्डा को वापस बुला लें। आप अमीर हो गरीब हो पढ़े हो अनपढ़ हो आपका वोट एक ही होगा। अमीर लोग जैसे अदाणी, उनका भी एक ही वोट है। आप इंडी बोलो या कुछ बोलो हम लोग इंडिया हैं। नाम बदलने से कुछ नहीं होता है। उन्होंने आगे कहा कि कई लोगों को लगता था कि भारत अंगूठा छाप देश है। हमें बार-बार टोका जाता है कि हमने 70 साल में क्या किया। हमने 70 साल में लोकतंत्र को मजबूती दी। आपके पास बोलने के लिए कुछ नहीं है तो आप ये ही कह दीजिए।
75 सालों के दौरान इस देश की सूरत बदली
खरगे ने मणिपुर को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने पूछा कि प्रधानमंत्री देश के हर इलाके में जाते हैं, लेकिन वे मणिपुर क्यों नहीं जाते?
सदन ने देश को बहुत कुछ दिया
चौधरी ने कहा कि चंद्रयान को लेकर चर्चा चल रही थी, मैं कहना चाहता हूं कि 1946 में जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में परमाणु अनुसंधान समिति का गठन किया गया था। वहीं से हम आगे बढ़े और 1964 में इसरो का विकास किया। आज हम इसरो को क्या कहेंगे, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन नहीं तो क्या कहेंगे? ये भारत, इंडिया का मुद्दा कहां से उठ गया है?