राजनीति में कब क्या हो जाए इसका अंदाजा लगाना काफी मुश्किल होता है। राजनीतिक दल अपने अपने आंकड़े फिट करने के लिए विधायकों-सांसदों को खूब लुभाते भी हैं। ऐसा ही कुछ पश्चिम बंगाल में हुआ यहां कांग्रेस के एकमात्र विधायक बायरन बिस्वास ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए इसके बाद कांग्रेस ने मंगलवार को टीएमसी पर खूब निशाना साधा और कहा कि क्या इस तरह की खरीद-फरोख्त से विपक्षी एकता मजबूत होगी, यह केवल भाजपा के उद्देश्यों को पूरा करती है।
सोमवार को विधायक बायरन बिस्वास महासचिव अभिषेक बनर्जी की उपस्थिति में टीएमसी में शामिल हो गए। टीएमसी पर तीखा हमला करते हुए कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा की बंगाल में ऐतिहासिक जीत में कांग्रेस विधायक चुने जाने के तीन महीने बाद बायरन बिस्वास को पश्चिम बंगाल में टीएमसी ने लुभा लिया है।
सागरदिघी विधानसभा क्षेत्र के लोगों के साथ विश्वासघात
आगे उन्होंने कहा कि यह सागरदिघी विधानसभा क्षेत्र के लोगों के जनादेश के साथ पूर्ण विश्वासघात है। इस तरह की खरीद-फरोख्त जो पहले गोवा, मेघालय, त्रिपुरा और अन्य राज्यों में हुई है, इससे विपक्षी एकता मजबूत नहीं होगी और यह केवल भाजपा के उद्देश्यों को पूरा करती है।
मेरी जीत में कांग्रेस की कोई भूमिका नहीं- बायरन बिस्वास
विधायक बायरन बिस्वास मेदिनीपुर के घटाल में एक कार्यक्रम के दौरान टीएमसी में शामिल हो गए। लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने उनकी जीत में कोई भूमिका नहीं निभाई, और मैं केवल मेरी सद्भावना के कारण जीता। स्थानीय 'बीड़ी' कारोबारी बायरन ने इस साल के शुरू में हुए उपचुनाव में सागरदिघी सीट पर अपने टीएमसी प्रतिद्वंद्वी को हराकर जीत हासिल की थी, जिससे सत्ताधारी खेमे में खलबली मच गई थी।