भारत लोकतंत्र की जननी
लोकतंत्र की जननी भारत के वैश्विक स्तर के योगदान का उल्लेख करते हुए लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि, भारत में प्राचीन काल से ही लोकतांत्रिक मूल्य, सिद्धांत और संस्थाएं मौजूद रही हैं। जो समय की आवश्यकता के अनुसार विकसित होती रही हैं। भारत में प्राचीन वैदिक काल से लेकर महाभारत और बौद्ध काल तक लोकतान्त्रिक संस्थाओं के उल्लेख मिले हैं। उन्होंने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि लोकतंत्र और लोकतांत्रिक मूल्य भारत और उसके नागरिकों की जीवन शैली का अभिन्न अंग हैं।
सकारात्मक आलोचना भारतीय संसद की विशिष्टता
देश विदेश की घटनाओं और उनके प्रभावों पर अपना दृष्टिकोण रखते हुए लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा, राष्ट्रीय और लोक महत्व के मुद्दों पर रचनात्मक वाद-विवाद, सुविचारित चर्चा, और सकारात्मक आलोचना भारत की संसद की विशिष्टता रही है। देश की संसदीय विरासत और लोकतान्त्रिक शासन प्रणाली में विभिन्न विचारों और समाज के प्रत्येक वर्ग के हितों को महत्व दिया गया है। संसद में समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति का कल्याण सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक विचार को बराबर महत्व दिया जाता है ।
युवा विकसित होते नए भारत का प्रतीक
युवाओं को विकसित होते नए भारत का प्रतीक बताते हुए लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि, विभिन्न क्षेत्रों में युवा वर्ग, खास तौर पर युवतियों की उपलब्धियों और प्रयासों के कारण आज भारत की गिनती विश्व के सबसे तेजी से विकसित होते युवा देशों में है। युवाओं की प्रतिभा और उपलब्धियों को देखते हुए देश की विकास यात्रा में युवाओं की विशेष भूमिका और योगदान अत्यंत आवश्यक है।
भारत के युवाओं के विश्वव्यापी योगदान का उल्लेख करते हुए लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि, आज के युग में भारत के युवा सम्पूर्ण विश्व में नेतृत्व देने का कार्य कर रहे हैं। अमृत काल में युवाओं को नए भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी और यह सुनिश्चित करना होगा कि विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे और इस प्रक्रिया में कोई भी पीछे न छूटे।
युवाओं का आह्वान करते हुए लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने कहा कि युवा वर्ग समावेशी और न्यायसंगत समाज का निर्माण करते हुए समाज में जरूरी सुधार ला सकता है। उन्होंने आशा व्यक्त करते हुए कहा कि नए भारत की आधारशिला रखने में देश के युवा अपना योगदान देने में पीछे नहीं हटेंगे और प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के विज़न के अनुसार भारत को 2047 में विकसित राष्ट्र बनाने में अपना सम्पूर्ण सहयोग देंगे।
अमृत काल के पांच प्रणों को बताया जीवन सिद्धांत
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने सभी युवा प्रतिभागियों एवं विजेताओं को बधाई दी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए अमृत काल के पांच प्रणों को युवाओं के लिए जीवंत सिद्धांत बताया और उन प्रणों को अपने अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश की प्रगति और व्यापक विकास कार्यों के संदर्भ में केंद्रीय मंत्री ठाकुर ने कहा कि युवाओं के ऊपर देश को अमृत काल से स्वर्णिम काल में ले जाने का अति महत्वपूर्ण दायित्व है।
इस अवसर पर सूचना एवं प्रसारण तथा युवा कार्य एवं खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर, गृह मंत्रालय और युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय में राज्य मंत्री निसिथ प्रामाणिक समेत अन्य सांसद मौजूद थे।