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Live: संसद में गूंजा सोनभद्र नरसंहार, दो बजे तक के लिए लोकसभा स्थगित

Mon, 22 Jul 2019 01:55 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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लोकसभा (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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संसद में सोमवार को उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में हुए नरसंहार का मुद्दा उठाया जा सकता है। कांग्रेस सांसदों ने संसद परिसर में इस मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस के छह सांसदों ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया है क्योंकि राजनेताओं को सोनभद्र पीड़ितों से मिलने से रोका गया था।

कांग्रेस सांसदों ने संसद परिसर में किया प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में 10 आदिवासियों की हत्या के मामले में न्याय की मांग और प्रियंका गांधी वाड्रा को हिरासत में रखे जाने का विरोध करते हुए कांग्रेस के सांसदों ने सोमवार को संसद भवन परिसर में प्रदर्शन किया। संसद की कार्यवाही आरंभ होने से कुछ देर पहले कांग्रेस के दोनों सदनों के कई सदस्यों ने संसद भवन परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की।

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इस विरोध प्रदर्शन में लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष गुलाम नबी आजाद तथा कई अन्य नेता शामिल हुए। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने पीड़ितों को न्याय दिलाने के बजाय प्रियंका गांधी को ‘गिरफ्तार’ कर लिया। हमारी मांग है कि पीड़ितों के साथ जल्द से जल्द न्याय हो।

दो बजे तक राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित

कर्नाटक के राजनीतिक घटनाक्रम सहित विभिन्न मुद्दों पर कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही सोमवार को एक बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

कांग्रेस के सदस्य कर्नाटक के राजनीतिक घटनाक्रम पर, जबकि सपा और बसपा के सदस्य सोनभद्र में आदिवासियों की सामूहिक हत्या तथा राजद के सदस्य भीड़ हिंसा के मामले में चर्चा कराने की मांग कर रहे थे। दोपहर बारह बजे सदन की बैठक शुरु होने पर उपसभापति हरिवंश ने प्रश्नकाल शुरु कराया लेकिन विपक्षी दलों के सदस्यों ने नारेबाजी शुरु कर दी।

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हंगामे के बीच ही प्रश्नकाल शुरु हुआ लेकिन लगभग दस मिनट के बाद कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, सपा, बसपा और आप के सदस्यों ने आसन के समीप आकर नारेबाजी शुरु कर दी। उपसभापति ने सदस्यों से शांति बनाए रखते हुए प्रश्नकाल होने देने की अपील की। नारेबाजी कर रहे सदस्यों के नहीं मानने पर उपसभापति ने लगभग सवा 12 बजे सदन की बैठक दो बजे तक के लिये स्थगित कर दी।

हंगामा कर रहे दलों के कुछ सदस्यों ने कार्यस्थगन प्रस्ताव का नोटिस देकर इन मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग की थी। इस बीच तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन और कांग्रेस के भुवनेश्वर कालिता ने भारी शोरगुल के बीच हो रहे प्रश्नकाल को लेकर व्यवस्था का प्रश्न उठाने की मांग की, लेकिन उपसभापति ने इसे स्वीकार नहीं किया।

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राज्यसभा में शीला दीक्षित को दी श्रद्धांजलि

राज्यसभा में दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को श्रद्धांजलि दी और सदस्यों ने उनके सम्मान में कुछ क्षणों का मौन रखा। सुबह उच्च सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति एम वेंकैया नायडू ने शीला दीक्षित के निधन होने का जिक्र किया। वह 81 वर्ष की थीं। नायडू ने कहा कि दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का जन्म मार्च 1938 में पंजाब के कपूरथला में हुआ था। उन्होंने दिल्ली विश्चविद्यालय से पढ़ाई की थी। शीला दीक्षित 1984 में पहली बार कन्नौज लोकसभा सीट से सांसद बनीं और केंद्र में मंत्री भी रहीं।

वह 1998 से 2013 के बीच लगातार तीन बार दिल्ली विधानसभा की सदस्य रहीं। वह सबसे लंबे समय तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं। दिल्ली की मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने कई विकास कार्य किए। शीला दीक्षित कुछ समय के लिए केरल की राज्यपाल भी रहीं। सदस्यों ने दिवंगत आत्मा के सम्मान में अपने स्थानों पर खड़े होकर कुछ क्षणों का मौन रखा।

लोकसभा में शीला और रामचंद्र पासवान को दी गई श्रद्धांजलि

लोकसभा के वर्तमान सदस्य रामचंद्र पासवान और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को सोमवार को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन की कार्यवाही दोपहर बाद दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों ने वर्तमान सांसद के निधन के मद्देनजर सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित नहीं किए जाने का विरोध किया और कहा कि परंपरा का पालन होना चाहिए।

कांग्रेस नेता शीला दीक्षित का निधन गत शनिवार और लोजपा सांसद रामचंद्र पासवान का निधन रविवार को हुआ था। लोकसभा की कार्यवाही आरंभ होने के बाद स्पीकर ओम बिड़ला ने दोनों सदस्यों के निधन की सूचना सदन को दी जिसके बाद सदस्यों ने कुछ देर मौन रखकर दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद बिड़ला ने सदन की कार्यवाही दिन में दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
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