राज्यसभा में शीला दीक्षित को दी श्रद्धांजलि
राज्यसभा में दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को श्रद्धांजलि दी और सदस्यों ने उनके सम्मान में कुछ क्षणों का मौन रखा। सुबह उच्च सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति एम वेंकैया नायडू ने शीला दीक्षित के निधन होने का जिक्र किया। वह 81 वर्ष की थीं। नायडू ने कहा कि दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का जन्म मार्च 1938 में पंजाब के कपूरथला में हुआ था। उन्होंने दिल्ली विश्चविद्यालय से पढ़ाई की थी। शीला दीक्षित 1984 में पहली बार कन्नौज लोकसभा सीट से सांसद बनीं और केंद्र में मंत्री भी रहीं।
वह 1998 से 2013 के बीच लगातार तीन बार दिल्ली विधानसभा की सदस्य रहीं। वह सबसे लंबे समय तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं। दिल्ली की मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने कई विकास कार्य किए। शीला दीक्षित कुछ समय के लिए केरल की राज्यपाल भी रहीं। सदस्यों ने दिवंगत आत्मा के सम्मान में अपने स्थानों पर खड़े होकर कुछ क्षणों का मौन रखा।
लोकसभा में शीला और रामचंद्र पासवान को दी गई श्रद्धांजलि
लोकसभा के वर्तमान सदस्य रामचंद्र पासवान और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को सोमवार को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन की कार्यवाही दोपहर बाद दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों ने वर्तमान सांसद के निधन के मद्देनजर सदन की कार्यवाही पूरे दिन के लिए स्थगित नहीं किए जाने का विरोध किया और कहा कि परंपरा का पालन होना चाहिए।
कांग्रेस नेता शीला दीक्षित का निधन गत शनिवार और लोजपा सांसद रामचंद्र पासवान का निधन रविवार को हुआ था। लोकसभा की कार्यवाही आरंभ होने के बाद स्पीकर ओम बिड़ला ने दोनों सदस्यों के निधन की सूचना सदन को दी जिसके बाद सदस्यों ने कुछ देर मौन रखकर दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद बिड़ला ने सदन की कार्यवाही दिन में दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।