लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर सियासी हलचलें तेज हो चली हैं। बीजेपी ने मध्य प्रदेश की 24 लोकसभा सीटों पर उम्मीदवारों के नाम का एलान कर दिया। शेष 5 सीटों को लेकर सोमवार रात भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति में मंथन हुआ। बैठक में मध्यप्रदेश के सीएम डॉ मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा समेत प्रदेश के कई नेता शामिल हुए। अभी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के गृह जिले उज्जैन के अलावा इंदौर और धार जैसी प्रमुख लोकसभा सीट पर भी बीजेपी ने प्रत्याशी घोषित नहीं किया है।
जानकारी के अनुसार, बीजेपी नेतृत्व ने प्रदेश के शीर्ष नेताओं को साफ निर्देश दिया है कि, शेष सीटों पर एक या दो नाम का पैनल तैयार कर लाए। ताकि नाम तय करने में आसानी हो। मध्य प्रदेश की बची हुई लोक सभा सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा मंगलवार या बुधवार को हो सकती है।
बीजेपी ने जिन सीटों को होल्ड पर रखा है। इनमें इंदौर, धार, उज्जैन, छिंदवाड़ा, बालाघाट सीट हैं। इनमें से केवल छिंदवाड़ा सीट पर बीजेपी को 2019 में हार मिली थी। जबकि बाकि की चार सीटों पर बीजेपी को 2019 में जीत मिली थी।
प्रदेश में सबसे ज्यादा चर्चा का केन्द्र इंदौर लोकसभा सीट बनी हुई है। यह सीट बीजेपी का गढ़ है। इस सीट से टिकट की रेस में मौजूदा सांसद शंकर लालवानी के अलावा महिला नेता डॉ.दिव्या गुप्ता और बीजेपी के पूर्व विधायक जीतू जिराती का नाम शामिल है। सूत्रों का कहना है कि, बीजेपी यहा से किसी नए उम्मीदवार पर भी दांव लगा सकती है।
धार सीट से अभी छतरसिंह दरबार सांसद है। इस सीट से पूर्व सांसद सावित्री ठाकुर, पूर्व मंत्री रंजना बघेल प्रमुख दावेदार है। हाल ही में कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हुए गजेंद्र सिंह राजूखेड़ी भी प्रमुख दावेदार की रेस में शामिल हो गए है।
उज्जैन सीट से अभी अनिल फिरोजिया सांसद है। सूत्रों का कहना है कि, इस सीट पर राज्य के सीएम मोहन यादव की पसंद से उम्मीदवार तय किया जाएगा। दावेदारों में अनिल फिरोजिया के अलावा, रीना जाटवा का नाम शामिल है।
बालाघाट सीट से ढालसिंह बिसेन सांसद है। बिसेन के अलावा इस सीट से बीजेपी युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष वैभव पवार और पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन की बेटी मौसम बिसेन के नाम रेस में है।
इस समय बीजेपी के केंद्रीय नेतृत्व को छिंदवाड़ा की सीट पर माथापच्ची करना पड़ रही है। क्योंकि यहां पर कमलनाथ का परिवार और मौजूदा सांसद नकुलनाथ को टक्कर देने वाला उम्मीदवार अभी तक बीजेपी को नहीं मिला है। पिछले चुनावों में मोदी लहर मे भी इस सीट पर बीजेपी जीत दर्ज नहीं कर पाई थी। ऐसे में बीजेपी के सामने बड़ी चुनौती है कि कमलनाथ का गढ़ ध्वस्त करने के लिए किस उम्मीदवार पर दांव खेला जाए।