लोकसभा में शपथग्रहण के दौरान असदुद्दीन ओवैसी।
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लोकसभा में मंगलवार को सांसदों का शपथग्रहण हुआ। इस बीच तेलंगाना के हैदराबाद से एक बार फिर चुनकर सांसद बने असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा में अपने शपथग्रहण से नए विवाद को जन्म दे दिया। दरअसल, ओवैसी ने शपथ लेने के आखिर में फलस्तीन के समर्थन में नारा लगाया। इसे लेकर सत्तापक्ष के सांसदों ने विरोध दर्ज कराया। बाद में सभापति ने इसे रिकॉर्ड से हटाने का निर्देश दिया। अब चर्चा इस बात पर हो रही है कि इस घटना के बाद ओवैसी पर क्या कार्रवाई हो सकती है।
सदन में ओवैसी के नारा लगाने के बाद प्रोटेम स्पीकर भर्तृहरि महताब ने कहा कि केवल शपथ का मूल पाठ ही रिकॉर्ड में दर्ज किया जा रहा है। महताब ने कहा, ‘‘मैंने पहले भी कहा है कि कृपया शपथ के मूलपाठ के अलावा किसी और चीज का जिक्र करने से बचें। इसका पालन किया जाना चाहिए।’’
ओवैसी ने इस बयान को लेकर बाद में पत्रकारों से कहा, "जो मैंने कहा वो आपके सामने है। सब बोल रहे हैं। क्या नहीं बोले। ये किसके खिलाफ है आखिर। बताइए संविधान का कौन सा प्रोविजन है। जो लोग विरोध करते हैं, उनका काम ही वही है। छोड़िए, अब क्या कर सकते हैं।"
भाजपा नेताओं ने घेरा
केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा, "आज एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने संसद में जय फिलिस्तीन का जो नारा दिया है वह बिल्कुल गलत है। यह सदन के नियम के खिलाफ है। ये भारत में रहकर भारत माता को जय नहीं बोलते... लोगों को समझना चाहिए कि ये देश में रहकर असंवैधानिक कार्य करते हैं।"
वहीं, संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि फलस्तीन या किसी और देश से हमारी कोई दुश्मनी नहीं है। शपथग्रहण के दौरान ऐसे किसी देश के लिए नारे लगाना नियमों में है या नहीं, ये हमें देखना पड़ेगा।
सोशल मीडिया पर लोगों ने साधा निशाना
ओवैसी के इस बयान पर सोशल मीडिया पर यूजर्स भड़क गए। @AshishSogun_ हैंडल से एक यूजर ने पोस्ट में कहा- आपको वोट भारत ने दिया है, फलस्तीन ने नहीं। वहीं एक और यूजर @Abhishek_UP_ ने लिखा, वे फलस्तीन जाकर ही क्यों नहीं रहने लगते। @Shivam_h9 ने कहा, "फलस्तीन को बीच में लाने के लिए इन पर कार्रवाई होनी चाहिए। क्या बकवास बात है।"
@jacky78096019 नाम के यूजर ने कहा, "संसद में दूसरे देश के नारे लगाने से ज्यादा शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता। एक वरिष्ठ सांसद द्वारा ऐसा काम निंदनीय है।"