कांग्रेस की पहली लिस्ट में 15 उम्मीदवार सामान्य (जनरल कैटेगरी), 24 उम्मीदवार एससी-एसटी,ओबीसी और माइनॉरिटी कैटेगरी से हैं। 12 उम्मीदवारों की उम्र 50 साल से कम है। पहली लिस्ट के जरिए पार्टी ने साफ संदेश दिया है कि कांग्रेस हाईकमान लोकसभा चुनाव लड़ने से हिचक रहे वरिष्ठ नेताओं को रियायत देने के मूड में नहीं है। पहली सूची में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से लेकर सूबे के वरिष्ठ नेता ताम्रध्वज साहू, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल को चुनावी मैदान में उतारकर पार्टी ने इसका संकेत दे दिया है। केसी वेणुगोपाल अभी राजस्थान से राज्यसभा सांसद है।
कांग्रेस सूत्रों का कहना कि, पहली लिस्ट के बाद मध्यप्रदेश में कमलनाथ, दिग्विजय सिंह से लेकर जीतू पटवारी जैसे वरिष्ठ नेताओं पर लोकसभा चुनाव लड़ने का दबाव बढेगा। राजस्थान में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर उनके गृह जिला जोधपुर से तो पूर्व विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी पर जयपुर ग्रामीण सीट से चुनाव लड़ने की चर्चा जोरों पर है। पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट को भी अपनी परंपरागत सीट से लड़ने का विकल्प दिया गया है। राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को भी चुनाव लड़ाने के विकल्प पर विचार किया जा रहा है।
हरियाणा में भी नेता विपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके बेटे राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा, रणदीप सिंह सुरजेवाला और कुमारी सैलजा से लेकर किरण चौधरी के भी चुनाव मैदान में उतरने की संभावनाएं हैं। इसी तरह महाराष्ट्र से प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले, नेता विपक्ष विजय वडेट्टीवार, वरिष्ठ नेता बाला साहेब थोराट, माणिकराव ठाकरे के साथ दिग्गज नेता कांग्रेस महासचिव मुकुल वासनिक और पूर्व गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे पर भी चुनाव लड़ने का दबाव है। दिल्ली में आप के साथ समझौते से मिली तीन सीटों के लिए जयप्रकाश अग्रवाल, अरविंदर सिंह लवली, संदीप दीक्षित, अनिल चौधरी और अल्का लांबा जैसे सूबे के प्रमुख चेहरों के नाम पर विचार किया जा रहा है।