सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव व बसपा सुप्रीमो मायावती।
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उत्तर प्रदेश में सीट बंटवारे के बाद अब मध्यप्रदेश में भी बसपा और सपा मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। प्रदेश में कुल 29 लोकसभा सीट हैं। 29 में से 3 सीटों पर समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार खड़े होंगे जबकि 26 सीटों पर बहुजन समाज पार्टी चुनाव लड़ेगी। समाजवादी पार्टी बालाघाट, टीकमगढ़ और खजुराहो सीट पर चुनाव लड़ेगी।
साल 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में बसपा को मध्यप्रदेश के भीतर 3.79 फीसदी वोट मिले थे। वहीं सपा को 0.74 फीसदी मतों से संतोष करना पड़ा। 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में बसपा का वोट शेयर 3.79 से बढ़कर 5 फीसदी हो चुका है।
सपा को बालाघाट, टीकमगढ़ और खजुराहो की जो तीन सीटें दी गई हैं, वहां उसका ठीकठाक जनाधार माना जा रहा है। 2014 लोकसभा चुनाव में बालाघाट और टीकमगढ़ में सपा को बसपा के मुकाबले दोगुने वोट मिले थे। वहीं खजुराहो में दोनों आसपास रहे थे।
उत्तर प्रदेश में पहले ही सीटों का बंटवारा
देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में दोनों दल पहले ही सीटों का बंटवारा घोषित कर चुके हैं। यूपी की 80 लोकसभा सीटों में से सपा 37 तो बसपा 38 सीटों पर लड़ेगी। 3 सीटें अजित सिंह की रालोद के लिए छोड़ी गई है। अमेठी और रायबरेली की सीट कांग्रेस के लिए छोड़ दी गई है।