भले ही राहुल गांधी ने आरजेडी नेता के लिए कहा हो कि वे उसे पसंद नहीं करते, लेकिन अपशब्दों का इस्तेमाल कभी नहीं किया। जीतनराम मांझी भी कांग्रेसी सोच के व्यक्ति रहे हैं। बाद में उन्होंने अपनी अलग पार्टी बना ली, लेकिन उनकी सोच, विकास और मानवीय मूल्यों को लेकर कांग्रेस की तरह ही है। महागठबंधन के बाकी दल भी ऐसे ही हैं। इन दलों के नेता दिल से एक-दूसरे का सम्मान करते हैं और उनकी नीतियों को मान्यता देते हैं। भाजपा और जेडीयू में ऐसा बिल्कुल नहीं है। जब बिहार की जनता मोदी और नीतीश के ये वीडियो देखेगी तो वह खुद ही यह फैसला करेगी कि चुनाव में उन्हें किस ओर जाना है।
मोदी और नीतीश के बीच चले शब्द बाणों को देखिए...
नीतीश कुमार ने भारतीय जनता पार्टी को भारतीय जुमला पार्टी कहा था। यह बयान उन्होंने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के उस कथन के बाद दिया था, जिसमें शाह ने मोदी द्वारा हर व्यक्ति के खाते में 15 लाख रुपये आने की बात को महज एक चुनावी जुमला बताया था। 2015 के विधानसभा चुनाव में नीतीश ने मोदी को 'बाहरी' बता दिया था। उन्होंने चुनाव में 'बाहरी बनाम बिहारी' का नारा दिया। भाजपा ने नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए एक नया स्लोगन तैयार किया, 'भाजपा करेगी पहला काम, जंगल राज से पूर्ण विराम'।
इसके बाद 'अपराध, भ्रष्टाचार और अहंकार, क्या इस गठबंधन से बढ़ेगा बिहार'। नीतीश कुमार ने इसके जवाब में नारा दिया, 'युवा रुठा, नरेंद्र मोदी झूठा। मोदी ने आरजेडी को 'रोजाना जंगल राज का डर' और जेडीयू को 'जनता का दमन और उत्पीड़न' कहा था। नीतीश ने भी भाजपा को 'भारतीय जुमला पार्टी' और 'बड़का झूठा पार्टी' कह कर मोदी के हमले का जवाब दिया।