झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने पुलवामा आतंकी हमले पर कथित राजनीति करने के कारण भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि लाशों पर राजनीति से वोट हासिल नहीं कि किए जा सकते। महागठबंधन में समझौते के लिए बातचीत करने दिल्ली पहुंचे झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार को अपना काम करना चाहिए और सुरक्षा बलों को उनका काम करने देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बल करारा जवाब देने में सक्षम हैं।
सोरेन ने शनिवार को कहा कि उन लोगों का क्या जो भूख से मर रहे हैं, किसान आत्महत्या कर रहे हैं, बड़े पैमाने पर लोग बेरोजगार हैं। आप (केंद्र की भाजपा सरकार) उन्हें जवाब नहीं देते। लाशों पर की गई राजनीति वोट नहीं बटोर सकती। उन्होंने सरकार पर इस बात को लेकर निशाना साधा कि वह पुलवामा आतंकी हमले का कथित तौर पर राजनीतिकरण कर रही है।
गौरतलब है कि पुलवामा में हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने हमले की जिम्मेदारी ली थी। सोरेन ने कहा कि सरकार पुलवामा की बात करती है, लेकिन उन जवानों का क्या जो लगातार आत्मघाती हमलों के शिकार बन रहे हैं। सोरेन ने कहा कि झामुमो जल, जंगल और जमीन का मुद्दा उठा रही है और वह रोजगार के न होने और किसानों की उपेक्षा को लोकसभा और बाद में होने वाले विधानसभा चुनावों में उठाएगी।
गौरतलब है कि झामुमो के अलावा इस महागठबंधन में राष्ट्रीय जनता दल, झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) भी शामिल हैं। इस बात पर भी सहमति है कि वाम दलों को इसमें शामिल कर लिया जाए। झारखंड की 14 लोकसभा सीटों पर चार चरणों में वोट डाले जाएंगे।