दरअसल राहुल और प्रियंका की सीटों पर चर्चा न होने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि प्रियंका गांधी के लिए तलाशी जा रही रायबरेली सीट पर अभी और सर्वे किए जाने की बात सामने आई है। जबकि राहुल गांधी की अमेठी सीट पर भी इसी तरह की बात की जा रही है। पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि रायबरेली से सोनिया गांधी इस बार चुनाव नहीं लड़ रही हैं। इसलिए यह तय किया जाना बेहद जरूरी है कि उनकी अनुपस्थिति में लड़ी जाने वाली सीट कितनी सुरक्षित है। जबकि पिछला चुनाव अमेठी से राहुल गांधी हार चुके हैं। इसलिए इस सीट पर भी सियासी समीकरणों का पूरा आकलन किया जा रहा है। हालांकि पार्टी से जुड़े नेताओं का कहना है कि उनकी सर्वे रिपोर्ट में दोनों सीटों पर कांग्रेस की मजबूत पकड़ और जीत तय है। चूंकि उत्तर भारत के राज्यों की सीटों पर चर्चा न होने की बात की जा रही है। इसलिए सियासी गलियारों में तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
कांग्रेस पार्टी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पार्टी की अगली चुनाव समिति की बैठक 11 मार्च को होने का अनुमान है। हालांकि गुरुवार को हुई चुनाव समिति की बैठक में आधिकारिक रूप से किसी भी तारीख का ऐलान नहीं किया गया है। लेकिन अनुमान यही लगाया जा रहा है कि अगले हफ़्ते की शुरुआत में दूसरे चरण के लिए बैठक होगी। उसमें अन्य संभावित राज्यों की सीटों पर मंथन होगा। उसके बाद ही उन राज्यों की सीटें घोषित की जाएंगी।