गुजरात के राजकोट जिले के गांव राजसमढियाल में राजनीतिक पार्टियों के प्रचार करने की मनाही है। आप सोच रहे होंगे कि शायद यह गांव चुनाव का बहिष्कार करता है इसलिए प्रतिबंध लगा हुआ है। तो आप गलत सोच रहे हैं क्योंकि ऐसा कुछ नहीं है। दरअसल यह नियम इसलिए बनाया गया है ताकि गांव का माहौल खराब न हो।
राजसमढियाल गांव में रहने वाले लोग अपने मताधिकार को लेकर काफी जागरूक हैं। गांव के सरपंच अशोक भाई वाघेरा ने कहा, 'जब हरदेव सिंह जडेजा सरपंच बने थे। उसी समय से चुनाव प्रचार पर प्रतिबंध है। स्थानीय लोगों का भी मानना है कि इससे वातावरण खराब होगा। आधे लोग इस तरफ तो आधे उस तरफ जाएंगे।'
अशोक भाई ने आगे कहा, 'जो लोग मतदान नहीं करते हैं उनपर 51 रुपये का जुर्माना लगता है। हर बार यही कोशिश रहती है कि 100 प्रतिशत मतदान हो। मगर मतदाता सूची में ऐसे लोगों के भी नाम हैं जो मर चुके हैं और उन लड़कियों के नाम भी हैं जिनकी शादी हो गई है। यहां 95-96 प्रतिशत मतदान होता है।'