उत्तर पूर्वी दिल्ली
राजधानी दिल्ली की उत्तर पूर्वी लोकसभा सीट का मुकाबला सबसे दिलचस्प माना जा रहा था। यहां भाजपा उम्मीदवार मनोज तिवारी ने तीन बार मुख्यमंत्री रह चुकीं कांग्रेस उम्मीदवार शीला दीक्षित को हराते हुए दोबारा अपनी जीत सुनिश्चित की है।
यहां का मुकाबला केवल प्रत्याशियों नहीं बल्कि दो दलों के प्रदेश अध्यक्ष के बीच था। कांग्रेस ने दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और दिल्ली कांग्रेस की अध्यक्ष शीला दीक्षित को यहां से उतारा था, जबकि भाजपा ने यहां के सांसद और दिल्ली भाजपा के प्रमुख मनोज तिवारी पर एक बार फिर से भरोसा जताया था। वहीं आप के टिकट पर दिलीप पांडे यहां से चुनावी मैदान में थे। यह सीट दिल्ली की सबसे घनी आबादी वाला लोकसभा क्षेत्र है।
इन कारणों से जीते मनोज तिवारी-
- इस सीट पर मूल निवासियों से भी ज्यादा संख्या में पूर्वांचल के प्रवासी आ कर बसे हैं। इनका एकमुश्त समर्थन मनोज तिवारी को मिला है।
- यहां की जनता ने हर बार किसी बाहरी व्यक्ति को ही अपना सांसद चुना है।
- मनोज तिवारी 2014 में भी यहां भारी मतों से जीत कर सांसद बने थे।
- विधानसभा से लेकर लोकसभा तक, यहां जातीय समीकरण का दबदबा हमेशा से रहा है, और जाति के आधार पर भाजपा का पलड़ा ज्यादा भारी था।