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राष्ट्रवाद से लेकर कश्मीर मुद्दा और विपक्ष की 'गालियों' तक...मोदी की खरी-खरी

Sat, 27 Apr 2019 09:17 AM IST
अमित मंडल चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
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लोकसभा चुनाव 2019 की गहमागहमी के बीच शुक्रवार को एक न्यूज चैनल पर प्रसारित इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई मुद्दों पर बेबाक राय रखी। काशी में गंगा किनारे इस इंटरव्यू के दौरान मोदी ने भावी योजनाओं, चुनाव नतीजों, सरकार के काम को लेकर अपनी राय रखी। उन्होंने विरोधियों को निशाने पर लेते हुए कहा कि तीन चरण के बाद अब ईवीएम को गाली दी जा रही है। 

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2014 का चुनाव रोजगार और विकास जैसे मुद्दों पर था, लेकिन आज का चुनाव प्रचार राष्ट्रवाद पर केंद्रित क्यों हो गया है? इस सवाल के जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि इस बार भी मेरा मुद्दा गरीबों को घर, गरीबों को गैस, गरीबों को बिजली ही है। लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा भी मुद्दा है। ये निगम चुनाव नहीं है, पूरे देश का चुनाव है। इसमें सेना भी है, सीमा भी है और आतंकवाद भी है। इसीलिए चुनाव में इसकी चर्चा होती है। 

पीएम मोदी ने कहा कि तीन चरण के मतदान तक विरोधियों की गालियों का फोकस सिर्फ मोदी ही था, लेकिन तीन चरण के बाद अब फोकस बंट गया है। अब आधी गाली मोदी को पड़ती है और आधी ईवीएम को। तीन चरणों के माहौल को देखने की वजह से ऐसा हुआ है।  

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इस बातचीत में चुनाव नतीजों को लेकर पीएम ने कहा, इस बार जीत का अंतर पहले से ज्यादा होगा, लेकिन मैं नंबर नहीं बताउंगा क्योंकि जनता बहुत ज्यादा सीटें दे रही है। 

बातचीत में प्रधानमंत्री ने ये भी स्वीकार किया है जम्मू-कश्मीर में पीडीपी साथ गठबंधन सरकार चलाना उनकी तरफ से की गई महामिलावट थी। उन्होंने कहा कि यह तेल और पानी का मिलन था। जब प्रधानमंत्री से पूछा गया कि पांच साल केंद्र में रहने के बाद क्या आपको समझ में आ रहा है कि कश्मीर को लेकर बेस्ट अप्रोच क्या है? इस पर पीएम ने वाजपेयी फॉर्मूले (इंसानियत, जम्हूरियत और कश्मीरियत) को दोहराते हुए कहा कि मुट्ठीभर परिवारों ने जम्मू-कश्मीर को इमोशनल ब्लैकमेल करने का रास्ता चुना है। 

उन्होंने कहा कि जब चौकीदार को चोर कहा गया तो मैंने सामने से ललकारा, सामने से जवाब देने से मुंह बंद होता है। उन्होंने कहा कि ये लड़ाई चुनावी नहीं बल्कि उसके चेले चपाटों के खिलाफ है। 
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