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नई दिल्ली सीट पर 'सीलिंग' सबसे अहम मुद्दा, भाजपा-'आप' और कांग्रेस से नाराज हैं व्यापारी

Tue, 07 May 2019 01:50 PM IST
ललित फुलारा चुनाव डेस्क, अमर उजाला
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नई दिल्ली लोकसभा सीट
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सात लोकसभा सीटों में से सबसे पुरानी 'नई दिल्ली लोकसभा' सीट है। सुप्रीम कोर्ट के साथ ही राष्ट्रपति भवन, संसद भवन और प्रधानमंत्री आवास इसी सीट के तहत आते हैं। इस सीट से वर्तमान सांसद भाजपा की मीनाक्षी लेखी हैं। वह साल 2014 के आम चुनाव में दिल्ली से जीत दर्ज करने वाली इकलौती महिला प्रत्याशी थीं। 2004 और 2009 में इस सीट पर कांग्रेस के अजय माकन ने जीत दर्ज की थी। यह सीट रिहाइशी और व्यस्त व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र है। सीलिंग के चलते व्यापारी वर्ग खासा नाराज है। सीलिंग अभियान सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में चला था। इस सीट पर प्रमुख चुनावी मुद्दा भी सीलिंग ही है। इसके अलावा, पानी, स्वच्छता और प्रदूषण भी चुनावी मुद्दा है।  इस सीट पर छठे चरण में 12 मई को मतदान है।  दिल्ली में सीलिंग अभियान सबसे पहले साल 2006 में शुरू हुआ और इसका आखिरी चरण दिसंबर 2017 में चालू हुआ। चुनाव में सीलिंग का भी असर रहेगा। आइए इस सीट पर एक नजर डालते हैं...


 
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लोकसभा चुनाव 2019 - फोटो : PTI
विधानसभा सीटें
करोल बाग
पटेल नगर
मोती नगर
दिल्ली कैंट
राजेंद्र नगर
नई दिल्ली
कस्तूरबा नगर
मालवीय नगर
आर के पुरम 
ग्रेटर कैलाश 

 
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मतदान की सांकेतिक तस्वीर
मतदाताओं की संख्या
कुल मतदाता-16,15,994 
पुरुष मतदाता- 8,95,079 
महिला मतदाता- 7,20,891 
ट्रांसजेंडर- 24 

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sealing protest - फोटो : himanshu soni
नई दिल्ली में व्यापारी संगठन सीलिंग को रोकने के लिए अध्यादेश लाने की मांग कर रहे हैं। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआईटी) के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल का कहना है कि सीलिंग अभियान से लाखों व्यापारियों पर बुरा असर पड़ा है। पेपर मर्चेंट्स एसोसिएशन, दिल्ली के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र गुप्ता ने कहा कि सीलिंग अभियान ने वाकई व्यापारियों की कमर तोड़ दी और वहां इसे लेकर नाराजगी है क्योंकि यह आजीविका का मुद्दा है।

 
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ajay maken
सीलिंग कार्रवाई के केंद्र में भाजपा के शासन वाले नगर निगम के होने के कारण उसके लिए यहां की राह कठिन हो सकती है। भाजपा सबसे ज्यादा बार इस सीट पर विजयी रही है। हालांकि, भाजपा की मौजूदा सांसद मीनाक्षी लेखी इसे लेकर आश्वस्त है कि उनका ‘शानदार’ रिपोर्ट कार्ड लोकसभा में उनकी वापसी का मार्ग प्रशस्त करेगा। वह इस सीट से फिर से चुनाव लड़ रही हैं। सीलिंग के मुद्दे पर 52 वर्षीय वकील ने कहा कि कांग्रेस के उनके प्रतिद्वंद्वी अजय माकन जब केंद्रीय विकास मंत्री थे तो उन्होंने इस सिलसिले में जो लचर काम किया वह इस वर्तमान अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार है।

 
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meenakshi lekhi - फोटो : सोशल मीडिया
लेखी ने कहा कि उनके निर्वाचन क्षेत्र में जल संकट, कचरा निस्तारण और प्रदूषण मुख्य मुद्दे हैं। लेखी 2014 के आम चुनाव में राष्ट्रीय राजधानी से जीत दर्ज करने वाली इकलौती महिला उम्मीदवार थी। साल 2004 से 2014 तक दो बार नयी दिल्ली सीट का प्रतिनिधित्व करने वाले माकन (55) सातवें वेतन आयोग के ‘‘सख्त’’ प्रावधानों के खिलाफ सरकारी कर्मचारियों के गुस्से को भुनाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, मतदाता इस मुद्दे पर बंटे हुए हैं।
 
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BJP CONGRESS LOGO
मालवीय नगर में रह रहे सरकारी कर्मचारी विपिन त्यागी ने कहा कि सातवें वेतन आयोग में महंगाई भत्ते में 123 फीसदी से 12 प्रतिशत की कमी अनुचित है। दूसरी ओर, केंद्र सरकार के कर्मचारी और राजेंद्र नगर निवासी अनिल कुमार (59) मकान किराया भत्ता 24 प्रतिशत तक बढ़ाए जाने से खुश हैं। माकन ने कहा कि केंद्रीय शहरी विकास मंत्री रहते हुए वह मई 2006 में एक सप्ताह के भीतर सीलिंग रोकने के लिए एक विधेयक लाए थे और चुनाव जीतने के बाद भी ऐसा ही करेंगे। आप ने इस सीट से ब्रजेश गोयल को उतारा है। वह पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं और पार्टी की व्यापारी इकाई के प्रमुख हैं। गोयल को ‘‘अनुचित’’ सीलिंग को लेकर उद्योग समुदाय के बीच गुस्से से फायदा मिलने की उम्मीद है। योग और सुबह की सैर के दौरान मतदाताओं के साथ जुड़ने के लिए पहचाने जाने वाले गोयल को उम्मीद है कि वह आप सुप्रीमो और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ‘‘लोकप्रियता’’ को वोटों में बदलने में कामयाब रहेंगे। 
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