प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की मौत के बाद देश सदमें में था। करीब दो महीने के अंदर देश में आम चुनाव हुए। यह चुनाव कांग्रेस पूरी तरह इंदिरा की सहानूभूति पर लड़ रही थी। जबकि विपक्ष के पास इसका कोई तोड़ नहीं था। जिसका नतीजा यह हुआ कि कांग्रेस को इस चुनाव में भारी जीत हासिल हुई। कांग्रेस को तब 543 लोकसभा सीटों में से 401 सीटों पर जीत मिली थीं। विपक्षी दल भाजपा को इस चुनाव में महज 2 सीटें मिली थीं। यह दोनों सीटें भाजपा के बड़े नेता अटल या आडवाणी ने नहीं जीतीं थी। यह सीटें गुजरात और आंध्रप्रदेश में जीती गई थीं। उस वक्त कई दिग्गज नेता चुनाव हार गए थे।