गुरुवार को लोकसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान हुआ। इसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश की आठ महत्वपूर्ण सीटें भी शामिल थीं। इस मतदान के बीच हमारे विशेष संवाददाता अमित शर्मा ने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह से मुलाकात की और विभिन्न मुद्दों पर बातचीत की। प्रस्तुत है वार्ता के प्रमुख बिंदु-
अरुण जी, लोकसभा चुनाव के पहले चरण में मतदान की शुरुआत हो चुकी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश से भाजपा की उम्मीदें क्या हैं?
हमने पिछले लोकसभा चुनाव में शत-प्रतिशत सीटों पर जीत दर्ज की थी। इस बार भी कोशिश है कि हमारा रिकॉर्ड बरकरार रहे। अपने प्रधानमंत्री के काम और सांसदों के प्रदर्शन के बल पर हम ऐसा करने में कामयाब रहेंगे।
लेकिन मुस्लिम बाहुल्य वाली इन सीटों पर सपा-बसपा का गठबंधन आपके लिए बड़ी परेशानी का सबब बना हुआ है। मायावती जी ने एक धर्म विशेष से अपने वोट न बंटने देने की अपील की है। क्या कहेंगे?
देखिए, इस समय नरेंद्र मोदी के नाम की हवा है। यह हवा विकास की है। आप जिस गठबंधन की बात कर रहे हैं, वह एक-एक जाति के नेताओं का गठबंधन है। आज तो उस जाति के लोग भी भाजपा को वोट कर रहे हैं। और हवा कभी एक जाति या धर्म के गठबंधन की नहीं हो सकती। विकास में जाति-धर्म की दीवारें टूट जाती हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में भी यह साबित हुआ था और इस बार भी होगा। मायावती जी को भी इस बात का एहसास है और इसीलिए हताशा में अपना अस्तित्व बचाने के लिए वे इस तरह की अपील कर रही हैं।
लेकिन इस बार ‘मोदी वेव’ कुछ हद तक ‘एंटी मोदी’ या ‘एंटी योगी वेव’ में बदल चुकी है। ऐसे में पिछला वोटिंग ट्रेंड बरकरार रहने की उम्मीद कम है।
ये आप जैसे मीडिया के लोगों का ‘परसेप्शन’ है। हकीकत यह है कि मोदी सरकार ने इतना जबर्दस्त काम किया है कि उसके आगे कोई विकल्प बचा ही नहीं है। आपने ये मान लिया है कि मुस्लिम हमें वोट नहीं देते। लेकिन अगर ऐसा होता तो हम मुस्लिम बाहुल्य वाली सीटों पर कैसे जीत हासिल करते। आपकी जानकारी के लिए बता दूं, ट्रिपल तलाक, मुस्लिम युवाओं के लिए कामकाज, मुद्रा लोन जैसी योजनाओं का सबसे ज्यादा लाभ मुस्लिम समाज के लोगों ने ही लिया है। इसलिए वे हमें वोट करेंगे, यह हमें उम्मीद है।
पश्चिमी यूपी के लोगों से आपने किस आधार पर वोट मांगा है?
पश्चिमी यूपी के गन्ना किसानों को हुए रिकॉर्ड भुगतान, किसान कर्जमाफी और इस क्षेत्र को मिली मेट्रो और सड़कों के अभूतपूर्व काम के बदले हम इस क्षेत्र की जनता के बीच गए हैं। हमने उन्हीं कामों पर जनता से वोट मांगा है।
वोटों के धार्मिक आधार पर ध्रुवीकरण की कोई संभावना आप देखते हैं?
बिलकुल नहीं, वह भी इसलिए क्योंकि हमारे शासन में एक भी दंगा नहीं होने पाया। मेट्रो हो या सड़क, उज्ज्वला गैस योजना हो या शौचालय इनका लाभ हर जाति, हर धर्म के लोगों को हमने दिया है। हम जनता से भी अपील करते हैं कि वे विकास के नाम पर, काम के आधार पर वोट करके अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए एक बेहतर हिन्दुस्तान के निर्माण में हमारी मदद करें।
लेकिन आपके नेता भी अब अली और बजरंग बली की बात करने लगे हैं। कहीं ऐसा तो नहीं कि आप चुनाव में पिछड़ रहे हैं और यह वोटों के ध्रुवीकरण की कोशिश है।
बिलकुल नहीं, हम अपने काम के बल पर सत्ता में वापसी करेंगे। आप भी यह देखेंगे।