संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) ने शुक्रवार को कहा कि अगर भारत, पाकिस्तान और पश्चिम अफ्रीका में टिड्डियों के हमले से उत्पन्न स्थिति भयावह होती है तो वह इसे एक प्लेग घोषित कर सकता है।
एफएओ अब टिड्डियों के हमले को वर्गीकृत करने जा रहा है, जिसने भारत में भारी तबाही मचाई है। रेगिस्तानी टिड्डियों के दल ने पंजाब, मध्यप्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ में सब्जियों और फसलों को चट कर दिया है।
टिड्डी चेतावनी संगठन (एलडब्लूओ) ने टिड्डियों के हमले से प्रभावित राज्यों में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मैलाथियान 96 और क्लोरपाइरीफोस का छिड़काव किया है। लेकिन ये दोनों कीटनाशक बेहद जहरीले हैं और इसके संपर्क में आने से मतली, चक्कर आना और यहां तक कि मौत भी हो सकती है। वे पारिस्थितिक संतुलन को बदलकर मिट्टी की उर्वरता को भी प्रभावित कर सकते हैं।
एलडब्लूओ के उप निदेशक केएल गुर्जर ने कहा कि हमने कीटनाशकों का छिड़काव कर राजस्थान, गुजरात और मध्यप्रदेश में 47,000 हेक्टेयर भूमि पर नियंत्रण अभियान चलाया है। उन्होंने कहा कि टिड्डियों के इस दल के दिल्ली की तरफ आने की कोई स्पष्ट संभावना नहीं है।