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लोजपा संग्राम: बिरला बोले-पार्टी में विवाद स्पीकर कार्यालय का विषय नहीं, अर्जी मिली इसलिए बदलाव किया

Fri, 18 Jun 2021 04:01 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने संसद के मानसून सत्र के पूर्व कहा है कि लोजपा में जारी विवाद से हमारा कोई वास्ता नहीं है। हम पार्टी का अध्यक्ष कौन है, यह नहीं देखते हैं। उन्होंने नए संसद भवन के निर्माण का भी स्वागत किया और मौजूदा भवन को अपर्याप्त बताया। 
 
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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला - फोटो : PTI
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विस्तार
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संसद के मानसून सत्र के पहले लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा है कि बिहार की लोजपा में जारी विवाद स्पीकर कार्यालय के दायरे से बाहर का मसला है। उनके नेता, मुख्य सचेतक ने अर्जी दायर की कि पांच सदस्यों ने एक नेता चुना है। उसके मुताबिक हमने बदलाव रिकॉर्ड किया। 

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बता दें, लोजपा में पशुपति पारस व भतीजे चिराग पासवान के बीच पार्टी पर कब्जे को लेकर संघर्ष जारी है। पशुपति पारस बृहस्पतिवार को पार्टी के नए अध्यक्ष चुन लिए गए हैं। उनके साथ पार्टी के छह में से पांच लोकसभा सदस्य हैं। ऐसे में पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान अलग-थलग पड़ गए हैं। पारस को लोकसभा में लोजपा संसदीय दल का नेता नियुक्त किया गया है। इस पर चिराग पासवान ने नाराजगी जताई है। 

मामले में एक न्यूज चैनल से चर्चा करते हुए बिरला ने कहा कि हम यह नहीं देखते कि पार्टी का अध्यक्ष कौन है। वे लोजपा के साथ हैं। हम तब तक कार्रवाई नहीं कर सकते जब तक कि दलबदल विरोधी कानून के तहत एक याचिका प्राप्त नहीं हो जाती है और इसका निपटारा नहीं हो जाता है। 
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नए संसद भवन के निर्माण का बचाव
बिरला ने नए संसद भवन के निर्माण का बचाव करते हुए कहा कि 100 साल पुरानी इमारत असुरक्षित है। यह सदन के कई कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार की सेंट्रल विस्टा परियोजना का बचाव करते हुए यह बात कही। लोकसभा स्पीकर ने कहा कि लोकसभा और राज्यसभा दोनों ने सरकार से अनुरोध किया था कि मौजूदा इमारत, जो ऐतिहासिक और दुनिया में अद्वितीय है, अब 100 साल पुरानी है और भूकंप से सुरक्षित नहीं है। 

उन्होंने कहा कि नए संसद भवन के निर्माण को लेकर लोकसभा या राज्यसभा के किसी सांसद ने इसका विरोध नहीं किया था । गौरतलब है कि संसद के नए भवन को लेकर कांग्रेस सहित विपक्षी दलों और सत्तारूढ़ भाजपा के बीच हाल के दिनों में आरोप प्रत्यारोप सुनने को मिला है । विपक्षी दलों का कहना है कि इसका निर्माण रोक देना चाहिए ताकि कोष का उपयोग कोविड-19 महामारी के प्रबंधन में किया जा सके ।

बिरला ने कहा कि वर्तमान लोकसभा की पांच सत्रों की उत्पादकता 122 फीसदी रही है और सभी दलों के सदस्यों ने सदन के सुचारू कामकाम में सहयोग किया है ।

संसद के कामकाज में बचा रहे पैसा, अब तक 400 करोड़ रुपये की बचत
उन्होंने कहा कि अंग्रेजों द्वारा निर्मित प्रतिष्ठित इमारत कई मायनों में अपर्याप्त है। 900 करोड़ रुपये की लागत से एक नए जमाने का हरित संसद भवन बनाया जा रहा है। स्पीकर ओम बिड़ला ने कहा कि हम संसद के कामकाज में पैसा बचा रहे हैं और अब तक 400 करोड़ रुपये से अधिक की बचत की जा चुकी है।

440 सांसदों ने लगवाए टीके
लोकसभा स्पीकर ने बताया कि अब तक 440 लोकसभा सांसदों ने सूचित किया है कि उन्होंने कोविड -19 के खिलाफ टीका ले लिया है। कोविड महामारी के कारण लोकसभा की उत्पादकता पर असर नहीं पड़ा है। 

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