चिराग पासवान की मुश्किलें कम नहीं हो रही हैं। पहले चाचा पशुपति पारस से पार्टी को लेकर सियासी संग्राम हुआ और अब दिवंगत पिता रामविलास पासवान का बंगला खाली कराने को लेकर उन्हें नोटिस जारी किया गया है। चिराग ने खाली करने के लिए थोड़ा वक्त मांगा था, लेकिन उन्हें जल्द ही बंगला खाली करना होगा। दिल्ली के 12 जनपथ स्थित इस बंगले में रामविलास पासवान तीस साल से ज्यादा समय से रह रहे थे।
लोक जनशक्ति पार्टी के एक गुट के अध्यक्ष चिराग पासवान को केंद्र सरकार से बड़ा झटका लगा है। अब उन्हें अपने पिता रामविलास पासवान का बंगला खाली करना होगा। वह दिल्ली में अपने पिता के नाम पर आवंटित हुए बंगले में मां के साथ रह रहे हैं, लेकिन अब शहरी विकास मंत्रालय के तहत आने वाले संपदा निदेशालय की ओर से उन्हें 12 जनपथ स्थित बंगले को खाली करने का नोटिस भेजा गया है। संपदा निदेशालय ने 14 जुलाई को पहला नोटिस जारी किया था, जिसके बाद चिराग ने थोड़ा वक्त मांगा था। चिराग पासवान खुद दूसरी बार लोकसभा सांसद हैं और उन्हें नॉर्थ एवेन्यू में एक बंगला आवंटित किया गया है, लेकिन वह यहां नहीं रहते । वो हमेशा से ही पिता रामविलास पासवान के बंगले में अपनी मां के साथ रहते आए हैं।
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चिराग ने बंगला खाली करने के लिए मांगा था वक्त
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रामविलास पासवान ने अपने दौर में इस बंगले के अंदर ही अपना और बेटे चिराग का दफ्तर बना लिया था। बंगला खाली करने का आदेश जारी होने से पहले चिराग पासवान ने कुछ वक्त की मांग की थी। चिराग ने पिता की पहली पुण्यतिथि तक इसमें रहने देने की अपील की थी। इससे पहले शहरी विकास मंत्रालय की ओर से चिराग पासवान के चाचा पशुपति पारस को 12 जनपथ स्थित बंगला अलॉट किया गया था, लेकिन सांसद पारस ने यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया था। पारस ने कहा था कि इससे राजनीतिक तौर पर गलत संदेश जाएगा।