फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उम्र कैद काट रहे 100 कैदियों की भूख हड़ताल, 30 की हालत बिगड़ी

Fri, 02 Sep 2016 03:40 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
- फोटो : demo
विज्ञापन
सेंट्रल जेल में रिहाई के लिए भूख हड़ताल कर रहे 100 कैदियों में से 30 की हालत गुरुवार को और बिगड़ गई। जेल के डाक्टर ने इनका चेकअप किया। उधर इनके समर्थन में 250 और कैदियों ने रिहाई की मांग उठाई है। इसके चलते जेल प्रशासन के अफसर टेंशन में हैं।
विज्ञापन


कैदियों को मनाने की तमाम कोशिशें फेल हो चुकी हैं। जेल में कुल 2000 कैदी हैं। इनमें उम्र कैद की सजा पाए 350 ऐसे कैदी हैं, जो 14 साल या इससे अधिक की सजा काट चुके हैं। सभी रिहाई की मांग कर रहे हैं। इनमें से पहले 20 ने खाना छोड़ा। इसके बाद संख्या बढ़कर 100 हो गई। अन्य कैदी भूख हड़ताल पर नहीं हैं लेकिन धरने पर बैठ हैं। बुधवार को कई कैदियों की हालत बिगड़ गई थी। गुरुवार को भी इन्होंने खाना नहीं खाया। इससे तबीयत और खराब हो गई। अधिकारियों ने इनसे बात की लेकिन नहीं माने। यह कैदी आगरा, अलीगढ़, सहारनपुर, मेरठ और मुरादाबाद मंडल के हैं।

104 बंदियों की रिहाई की उम्मीद जगी 

आगरा। रिहाई के लिए हड़ताल कर रहे कैदियों में से 104 की लिस्ट तैयार हो गई है। यह रिहाई के लिए फार्म ए भरकर गुजारिश पहले ही कर चुके हैं लेकिन इस पर गौर नहीं किया गया था। अब नए सिरे से लिस्ट बनी है। इसे आईजी जेल को भेजा जाएगा। वहां से शासन को संस्तुति की जाएगी। इसके बाद शासन को राज्यपाल के पास भेजना है। रिहाई का फैसला राज्यपाल करते हैं। इसके अलावा एक और रास्ता है दया याचिका का। इसमें ऐसे कैदियों की रिहाई कराई जाती है जिनकी उम्र ज्यादा हो। जेल प्रशासन ने दया याचिका तैयार कराने के लिए जेल में काउंटर लगवाए लेकिन कैदियों ने मना कर दिया। उनका कहना है कि उनकी रिहाई फार्म ए के तहत की जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

35 साल से बंद है अलीगढ़ का राजा बाबू

- फोटो : demo
अलीगढ़ का रहने वाला बंदी भगवान सिंह उर्फ राजा बाबू 35 साल से जेल में बंद है। वह पहले अलीगढ़ जिला जेल में रहा। इसके बाद आगरा सेंट्रल जेल भेजा गया। उसे उम्र कैद की सजा हत्या के मामले में मिली। रिहाई के लिए जेल प्रशासन ने उसका आवेदन भी शासन को भिजवाया लेकिन इसमें कोर्ट के निर्णय की कॉपी नहीं थी। इसके चलते उसके आवेदन पर विचार नहीं हो पाया। अब जेल अधिकारियों नो कोर्ट से कॉपी मांगी है। उसका आवेदन नए सिरे से भिजवाया जाएगा।

वर्जन
14 साल से ज्यादा सजा काट चुके बंदियों की रिहाई के लिए प्रयास लगातार चल रहे हैं। 104 बंदियों की रिहाई के लिए आईजी जेल को पत्र भेजा जा रहा है 
- शरद कुमार ( डीआईजी, जेल )
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें