कानून मंत्रालय ने पॉक्सो एक्ट-2012 में बदलाव को मंजूरी दे दी है। महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय ने इसके प्रावधानों में बदलाव का प्रस्ताव किया था। इसमें बच्चों की पोर्नोग्राफी से जुड़ा साहित्य रखने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
जिन लोगों के पास ऐसी सामग्रियां व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए पाई जाएंगी उन्हें पहली बार में पांच साल तक की सजा मिलेगी जो कि गैर जमानती होगी वहीं भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा। वहीं इस तरह के मामलों में दोबारा संलिप्तता पर सजा को बढ़ाकर कम से कम सात करने का प्रावधान किया गया है।
इस आधार पर महिला एवं बाल कल्याण विभाग कैबिनेट नोट तैयार करेगा। प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्राम सेक्सुअल आफेंस 2012 यानी पॉक्सो एक्ट में बदलाव का प्रस्ताव सिंतबर में पीएमओ के साथ हुई बैठक के बाद करने के लिए महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय ने प्रस्तावित किया था। इसमें सेक्शन 12 की उपधारा एक से तीन तक बदलाव का किया गया है।