पंजाब नैशनल बैंक के प्रबंधन ने कभी सोचा नहीं होगा कि नीरव मोदी प्रकरण की वजह से उसकी इस तरह से बदनामी होगी।
जिस तरह से लोग आज नीरव मोदी की धोखाधड़ी की मिसाल दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पीएनबी के ग्राहक रहे पूर्व प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री की ईमानदारी का उदाहरण भी दिया जा सकता है।
लालबहादुर शास्त्री जी के प्रधानमंत्री बनने तक उनका अपना घर तो क्या उनके पास एक अदद कार तक नहीं थी।
एक बार शास्त्री जी के बच्चों ने उन्हें उलाहना दिया कि अब आप भारत के प्रधानमंत्री हैं। अब हमारे पास अपनी कार होनी चाहिए।
उस जमाने में एक फिएट कार 12,000 रुपये में आती थी। उन्होंने अपने एक सचिव से कहा कि जरा देखें कि उनके बैंक खाते में कितने रुपये हैं?
उनके बैंक खाते में उस वक्त केवल 7,000 रुपये थे।
लालबहादुर शास्त्री के बेटे अनिल शास्त्री ने एक बार बीबीसी को बताया था, "जब हमें पता चला कि शास्त्री जी के पास कार खरीदने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं हैं तो हमने उन्होंने कहा कि कार मत खरीदिए।"