केरल
लव जिहाद मामले से चर्चा में आई युवती हादिया ने
सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि वह मुस्लिम है और मुस्लिम ही बना रहना चाहती है। उसने कहा कि उसने अपनी मर्जी से इस्लाम धर्म कुबूल किया है और शादी की है। उसने कहा है कि वह अपने पति के साथ जीवन व्यतीत करना चाहती है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में गुरुवार को सुनवाई करेगा।
सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में हादिया ने कहा है कि उसकी आजादी छीन ली गई है। उसे ‘बंधक’ की तौर पर रखा जा रहा है। अब भी वह पुलिस की निगरानी में है। हादिया ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई है कि उसकी आजादी बहाल की जाए। हादिया ने हलफनामा दायर कर कहा है कि उसे अपनी पसंद को चुनने का अधिकार है और उसे उसके हाल पर छोड़ दिया जाए। 25 पन्नों के अपने हलफनामे में हादिया ने यह बताया है कि कैसे उसके माता-पिता और अन्य लोगों ने उसे इस्लाम धर्म को छोड़ने का दबाव डाला।
साथ ही उसे पति को छोड़ने का दबाव बनाया जाता रहा। हादिया ने कहा कि उसे अपनी पसंद के लड़के के साथ शादी का अधिकार है। उसे मौलिक अधिकारों से महरूम नहीं रखा जा सकती। हादिया ने यह भी कहा कि उसके पति शफीन का आईएसआईएस से कोई लेना देना नहीं है। उसने पति को अभिभावक बनाने की गुहार की है। मालूम हो कि फिलहाल कॉलेज होस्टल के वार्डन को उसका अभिभावक बनाया गया है। साथ ही हादिया ने गुहार की है कि उसे शफीन के साथ पति-पत्नी के तौर पर रहने की इजाजत दी जाए।