गुजरात के गांधीनगर की 75 साल की विमलाबेन कानाबार के बाद अब 80 साल की इच्छाबेन पटेल ने भी कोरोना के खिलाफ जंग जीत ली है। इच्छाबेन पटेल गांधीनगर के सिविल अस्पताल में इलाज के लिए अपनी बहु के साथ भर्ती थीं। दोनों ने सिर्फ 13 दिनों में ही कोरोना को हरा दिया।
शनिवार के दिन रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। हालांकि उन्हें अभी 14 दिन के लिए घर में ही क्वारंटीन में रहना होगा। इच्छाबेन पटेल और उनकी बहू पीनलबेन को दुबई से लौटे पोते उमंग पटेल के कारण कोरोना का संक्रमण लगा था।
10 दिन से घर नहीं गए डॉक्टर अरूण
गांधीनगर सिविल अस्पताल में ही डॉक्टर अरूण मकवाना 10 दिन से अपने घर नहीं गए हैं। वो कोरोना संक्रमितों का इलाज कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि घर में मेरा एक साल से छोटा बेटा है, उसे संक्रमण न हो इसलिए 10 दिनों से घर नहीं गया हूं। उनकी ड्यूटी गांधीनगर सिविल अस्पताल के स्पेशल वॉर्ड में लगी है। वे यहीं रहने लगे हैं।
इसी तरह यहां तैनात डॉ. अंजुम जोबान कहती हैं कि ड्यूटी पर आते समय पति और परिवार के सदस्य हौसला बढ़ाते हैं। इनसे मिली हिम्मत की वजह से ही इस संकट के समय में अपना काम कर पा रही हूं।
देश के हर हिस्से में तमाम डॉक्टर अपने घर परिवार को छोड़कर कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। वो हर वक्त मरीजों की सेवा में जुटे हैं और उन्हें ठीक कर वापस उनके घर लौटा रहे हैं।