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राहत : बढ़ सकती है आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना की समयसीमा, पिछले साल दिसंबर में मिली थी मंजूरी

Sun, 20 Jun 2021 04:34 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना को पिछले साल दिसंबर में मंजूरी दी थी। इस योजना के तहत सरकार कर्मचारियों के अनिवार्य भविष्य निधि अंशदान का भुगतान करने के अलावा दो साल के लिए नई नियुक्तियों पर नियोक्ताओं के योगदान का भी भुगतान करती है।
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संतोष गंगवार - फोटो : ANI
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विस्तार
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श्रम एवं रोजगार मंत्रालय आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना (एबीआरवाई) की समयसीमा को मौजूदा के 30 जून से बढ़ाकर अगले साल मार्च तक करने पर विचार कर रहा है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने कहा कि मंत्रालय महामारी के बीच देश में नयी नियुक्तियों को प्रोत्साहन के लिए इस योजना की समयसीमा बढ़ा सकता है।

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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एबीआरवाई को पिछले साल दिसंबर में मंजूरी दी थी। इस योजना के तहत सरकार कर्मचारियों के अनिवार्य भविष्य निधि अंशदान का भुगतान करने के अलावा दो साल के लिए नई नियुक्तियों पर नियोक्ताओं के योगदान का भी भुगतान करती है।

22,810 करोड़ रुपये के व्यय की इस योजना के तहत एक अक्टूबर, 2020 से 30 जून, 2021 तक नियुक्त होने वाले कर्मचारी आएंगे। सूत्रों ने कहा कि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय एबीआरवाई की समयसीमा को 30 जून, 2021 से बढ़ाकर मार्च, 2022 तक करने के लिए कैबिनेट प्रस्ताव को जारी करने की प्रक्रिया में है।
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सूत्रों ने कहा कि अभी तक इस योजना से 21 लाख नए नियुक्त कर्मचारियों को लाभ हुआ है। यह सरकार के 58.5 लाख के अनुमान से काफी कम है। सूत्रों ने कहा कि ऐसे में श्रम मंत्रालय योजना की समयसीमा को बढ़ाकर अगले साल मार्च तक करना चाहता है। इस योजना के लिए कोष का आवंटन 58.5 लाख लाभार्थियों की संख्या को ध्यान में रखकर किया गया था।

महामारी के दौरान सरकार ने रोजगार सृजन तथा कर्मचारियों को राहत के लिए कई कदम उठाए हैं। एबीआरवाई इनमें से एक उपाय है। इसके तहत सरकार ने 2020 से 2023 तक क्रियान्वयन की पूरी अवधि के लिए 22,810 करोड़ रुपये का आवंटन किया है।

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