खादी एवं ग्राम उद्योग आयोग (केवीआईसी) ने अपने सबसे पुराने खादी संस्थान 'मुंबई खादी एवं ग्राम उद्योग एसोसिएशन' (एमकेवीआईए) का पंजीकरण रद्द कर दिया। आयोग ने शनिवार को बताया कि यह कार्रवाई आयोग की ओर से फर्जी उत्पाद बेचने के आरोप में की गई है। यह संस्थान साल 1954 से मुंबई में मेट्रोपॉलिटन इंश्योरेंस हाउस नामक इमारत में खादी एंपोरियम का संचालन कर रहा था।
इसे लेकर एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि पंजीकरण को रद्द किए जाने के साथ खादी एंपोरियम अब एक असली खादी आउटलेट नहीं है और उसे एंपोरियम से खादी उत्पाद बेचने की अनुमति नहीं होगी। ब्रांड की विश्वसनीयता और लोकप्रियता का दुरुपयोग करके जनता को धोखा देने और आपराधिक विश्वासघात के लिए एमकेवीआईए के खिलाफ कानूनी कार्रवाई पर भी विचार किया जा रहा है।
शिकायत के बाद आयोग ने लिए थे नमूने, जांच में निकले फर्जी
केवीआईसी को पता चला था कि डॉ. डीएन मार्ग पर स्थित खादी एमपोरियम में असली खादी के नाम पर फर्जी उत्पादों की बिक्री की जा रही है। नियमिक जांच के दौरान इसके अधिकारियों ने इस एंपोरियम से नमूने जमा किए थे। जांच में यह खादी के नहीं पाए गए थे। इसके बाद केवीआईसी ने एमकेवीआईए को खादी प्रमाणपत्र और खादी मार्क के नियमों का उल्लंघन करने के लिए नोटिस जारी किया था।
साल 1954 में एमकेवीआईए को सौंपा गया था खादी एंपोरियम
आयोग ने साल 1954 में एमकेवीआईए को खादी एंपोरियम के संचालन और प्रबंधन का जिम्मा सौंपा था। इसके साथ शर्त रखी गई थी कि यहां केवल असली खादी के उत्पादों की बिक्री ही की जाएगी। लेकिन हाल के वर्षों में एमकेवीआईए फर्जी उत्पाद बेचने में संलिप्त रहा। अब तक आयोग ने 1200 लोगों और फैबइंडिया जैसी फर्मों को खादी के नाम पर नकली उत्पाद बेचने के लिए नोटिस जारी किए हैं।