महाराष्ट्र में कॉमेडियन कुणाल कामरा को लेकर बवाल मचा हुआ है। उनकी विवादित टिप्पणी के बाद भाजपा-शिवसेना ने उनसे एकनाथ शिंदे से माफी मांगने को कहा और जब कुणाल ने माफी मांगने से भी इनकार कर दिया तो अब मामला और गरमाता दिखाई दे रहा है।
कॉमेडियन कुणाल कामरा की विवादित टिप्पणी को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कुणाल की ओर से महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से माफी मांगने से इनकार करने के बाद शिवसैनिक और नाराज हो गए हैं। एक ओर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सरकार में मंत्री कामरा को सजा दिलाने की बात कर रहे हैं तो शिवसैनिक कुणाल को उन्हीं की भाषा में जवाब देने की चेतावनी दे रहे हैं। इस बीच विपक्षी पार्टियों ने कंगना रनौत के पुराने बयानों का हवाला देकर कुणाल का बचाव किया है।
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पहले जानते हैं मंत्रियों ने क्या कहा?
कुणाल के माफी मांगने से इनकार करने पर महाराष्ट्र के मंत्री गुलाब रघुनाथ पाटिल ने कहा, 'अगर वे माफी नहीं मांगते हैं, तो हम उनसे अपने अंदाज में बात करेंगे। शिवसेना उन्हें नहीं छोड़ेगी। हम यह अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे। अगर वे माफी नहीं मांगते हैं, तो वे बाहर आ जाएंगे, वे कहां छिपेंगे? शिवसेना अपना असली रूप दिखाएगी।'
महाराष्ट्र सरकार के मंत्री योगेश रामदास कदम ने कहा, 'उन्हें सजा दी जाएगी। अगर आप सुप्रीम कोर्ट, भारत के प्रधानमंत्री, हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करते हैं, तो यह बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। आप महाराष्ट्र या भारत में इस तरह का व्यवहार नहीं कर सकते। हम कॉमेडी का आनंद लेते हैं, लेकिन इस तरह की कॉमेडी महाराष्ट्र में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।'
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'असली गद्दार आदित्य और उद्धव ठाकरे'
शिवसेना नेता राजू वाघमारे ने मंगलवार को मांग की कि कामरा माफी मांगें या कानूनी कार्रवाई का सामना करें। वाघमारे ने कामरा पर ठाकरे परिवार का अपमान करने का आरोप लगाया और दावा किया कि कामरा के बयान आदित्य और उद्धव ठाकरे दोनों के लिए अपमानजनक हैं। उन्होंने कहा, 'आदित्य ठाकरे पूछ रहे हैं कि कुणाल कामरा को माफी क्यों मांगनी चाहिए। उन्हें देखना चाहिए कि उन्होंने क्या कहा है। कल, अगर कोई आदित्य ठाकरे की शक्ल-सूरत के बारे में बात करता है, कि कैसे उन्होंने अपने दादा की विरासत को बेच दिया और कैसे उद्धव ठाकरे ने सीएम-पद के लिए अपने पिता को बेच दिया, तो आदित्य और उद्धव ठाकरे को कैसा लगेगा?' उन्होंने आगे कहा कि असली 'गद्दार' आदित्य और उद्धव ठाकरे हैं, क्योंकि ये वे लोग हैं जिन्होंने कांग्रेस के साथ मुख्यमंत्री और मंत्री पद पाने के लिए भाजपा और राष्ट्रीय गठबंधन को छोड़ दिया। पिता और पुत्र दोनों ही 'गद्दार' हैं, जिन्होंने शिवसेना और बालासाहेब की विचार प्रक्रिया और विचारधारा को बेच दिया।
विपक्ष ने किया बचाव
विवाद पर शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार ने कंगना रनौत का जिक्र कर सरकार के रवैये पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, '...जब विपक्ष सत्ता में था, तब कंगना रनौत (भाजपा सांसद) ने मुंबई की तुलना पीओके से करते हुए एक बयान दिया था, उस समय देवेंद्र फडणवीस का बयान बिल्कुल अलग था। यह एक राष्ट्रविरोधी बयान था। जब उनके खिलाफ कार्रवाई की गई, तो उन्होंने कहा था कि कार्रवाई करना गलत था। बयान एक समान होने चाहिए। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता होनी चाहिए। कुणाल कामरा हमारी बात नहीं सुनेंगे, वे अपने अंदाज में बोल रहे हैं।'