वरिष्ठ साहित्यकार और विचारक डॉ. कृष्णा किरवले की शुक्रवार दोपहर को उनके आवास पर चाकू घोंपकर नृशंस हत्या कर दी गई। फर्नीचर की कीमत पर कहासुनी के बाद प्रीतम पाटिल नाम के फर्नीचर बनाने वाले ने उन्हें चाकू घोंप दिया।
पुलिस ने बताया कि किरवले को 3 से 4 बार चाकू मारा गया। हत्या करने वाला आरोपी अपने पिता के साथ फर्नीचर की दुकान चलाता है। सूत्रों के अनुसार फर्नीचर के पैसों की लेनदेन के मामले में दोनों के बीच कहासुनी हुई और मामला इतना बढ़ गया कि आरोपी ने किरवले को चाकू मार दिया और मौके से भाग गया।
डॉ. कृष्णा किरवले शिवाजी विश्वविद्यालय के मराठी डिपार्टमेंट के प्रमुख पद से पिछले साल ही रिटायर हुए थे। बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की विचारधारा मानने वाले किरवले ने दलित आंदोलन पर कई किताबें लिखी हैं। फिलहाल वो ग्रामीण जीवन पर रिसर्च कर रहे थे और ग्रामीण क्षेत्रों में बोले जाने वाले शब्दों का एक शब्दकोश बना रहे थे।