कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने नई डिवीजन बेंच का गठन किया है। अब न्यायमूर्ति शम्पा सरकार और न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की बेंच इस मामले से जुड़ी सभी याचिकाओं पर सुनवाई करेगी।
RG Kar Case News: कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में महिला डॉक्टर के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। इस चर्चित मामले की सुनवाई के लिए अदालत ने नई डिवीजन बेंच का गठन किया है। अब इस पूरे मामले से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण याचिकाओं पर न्यायमूर्ति शम्पा सरकार और न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की पीठ सुनवाई करेगी।
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मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पाल की पीठ ने शनिवार को इस संबंध में निर्देश जारी किए। आदेश के मुताबिक, अब मामले से जुड़ी सभी याचिका पर नई बेंच में सुनवाई होगी। इससे पहले यह मामला हाईकोर्ट की अलग अलग बेंचों के पास जा चुका है। 12 मई को भी एक डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था। अब नई बेंच बनने से सुनवाई में तेजी आने की उम्मीद है।
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पीड़िता के परिवार ने इस मामले में सीबीआई जांच को लेकर एक नई अर्जी दाखिल की है। परिवार ने अदालत से घटनास्थल का फिर से निरीक्षण करने की अनुमति भी मांगी है। दूसरी ओर सीबीआई ने इस जघन्य अपराध के लिए दोषी को अधिकतम सजा यानी मृत्युदंड देने की मांग रखी है।
दोषी संजय रॉय की अपील
इस मामले में कोर्ट पहले ही संजय रॉय को दोषी करार दे चुका है। अब संजय रॉय ने अपनी सजा को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में एक अपील दायर की है। सूत्रों के अनुसार, पीड़िता के परिवार के वकील जल्द ही नई बेंच के सामने इस मामले की शीघ्र सुनवाई शुरू करने की मांग कर सकते हैं।
मामले में तीन आईपीएस अधिकारियों पर गिरी गाज
इससे पहले शुक्रवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने आरजी कर मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में तीन बड़े आईपीएस अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया। इनमें कोलकाता के पूर्व पुलिस आयुक्त विनीत गोयल, पूर्व डीसी नॉर्थ अभिषेक गुप्ता और पूर्व डीसी सेंट्रल इंदिरा मुखोपाध्याय शामिल हैं।