महानगर में बृहस्पतिवार को ढहे फ्लाईओवर के मलबे से तीन और शव बरामद होने के साथ ही इस हादसे में मरने वालों की तादाद 24 हो गई है। बचाव कार्य में जुटे सेना, पुलिस, एनडीआरएफ व फायर ब्रिगेड के अधिकारियों ने अब मलबे के नीचे कोई और शव होने की संभावना से इंकार किया है। इस बीच, पुलिस ने फ्लाइओवर के निर्माण में लगी हैदराबाद स्थित निर्माण कंपनी के पांच अधिकारियों को हिरासत में ले लिया है। इस हादसे की जांच के सिलसिले में कोलकाता पुलिस की एक चार सदस्यीय टीम भी शुक्रवार को हैदराबाद पहुंच गई। दूसरी तरफ, हादसे में घायल 90 लोगों में से सात की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है।
बृहस्पतिवार को दोपहर के समय फ्लाईओवर का लगभग 60 मीटर लंबा हिस्सा ढह गया था। हादसे की वजह की जांच के लिए फोरेसिंक विभाग की एक टीम ने भी शुक्रवार को मौके पर पहुंच कर नमूने लिए। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि मलबे से कोई भी जीवित व्यक्ति बरामद नहीं हुआ है। कुछ वाहनों को नीचे से निकाला गया है, लेकिन एक ट्रक अब भी मलबे के ढेर में दबा है। फिलहाल यह बताना मुश्किल है कि उस ट्रक में कोई है या नहीं। एनडीआरएफ के डीआईजी एसएस गुलेरिया ने बताया कि अब मलबे के नीचे किसी के जीवित होने की संभावना नहीं है। दूसरी ओर, निर्माण कंपनी ने शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि घटनास्थल को देख कर लगता है कि वहां कोई बम धमाका हुआ है।
उन्होंने कहा कि बम धमाके के पहलू से भी हादसे की जांच होनी चाहिए। ब्रिज का एक हिस्सा अब भी झूल रहा है। उसे काट कर हटाने के लिए इंजीनियरों व विशेषज्ञों से संपर्क किया जा रहा है ताकि आसपास की इमारतों को कोई नुकसान नहीं पहुंचे। कोलकाता के पुलिस आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि हैदराबाद स्थित निर्माण कंपनी आईवीआरसीएल के पांच अधिकारियों को हिरासत में लिया गया है।