रिपोर्ट में कहा गया है कि वाराणसी में पिछले 17 साल में पीएम2.5 के स्तर में 28.5 माइक्रोग्राम/एम3 की बढ़ोतरी हुई है। वहीं मेरठ, आगरा, लखनऊ, गोरखपुर और पटना में स्थिति चिंताजनक है। दूसरी तरफ कानपुर, इलाहाबाद और गया में पीएम2.5 का स्तर मध्यम है। बिहार में मुजफ्फरपुर और झारखंड के रांची में वायु प्रदूषण की स्थिति संतोषजनक है।
मृत्यु दर में 20 फीसदी हो सकती है कमी
आईआईटी दिल्ली के एसोसिएट प्रोफेसर सागनिक डे का कहना है कि यदि राष्ट्रीय स्तर की वायु गुणवत्ता के दिशा निर्देशों को पूरा कर लिया जाए तो आगरा, कानपुर, लखनऊ और मेरठ जैसे शहरों में समय पूर्व होने वाली मौतों में 20 फीसदी तक की कमी आ सकती है। वहीं इलाहाबाद, गया, गोरखपुर, मुजफ्फरपुर, पटना और वाराणसी में भी 10-20 फीसदी की कमी आ सकती है।