हर साल 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है और लक्ष्य होता है कैंसर से बचाव, इसके प्रति जागरूकता और इसका निवारण। कैंसर जैसे नाम को सुनकर पहली तस्वीर बनती है जानलेवा बीमारी की। मगर सकारात्मक सोच और रोजमर्रा की जिंदगी में थोड़ा सा बदलाव हमेशा के लिए हमें इस खतरनाक बीमारी से दूर रख सकता है। 4 फरवरी यानि 'वर्ल्ड कैंसर डे 2020' जिसकी थीम है आई एम आई विल ( 'I Am and I Will' ) मतलब अपने आप में बड़ा संदेश भी है और मकसद भी, 'मैं कैंसर से लड़ सकता हूं और लड़ूंगा'। आइए जानते हैं क्या है कैंसर ? और कैसे थोड़ी सी सावधानी से बच सकते हैं इस रोग से।
कैंसर क्या होता है ?
मानव शरीर बहुत सारी कोशिकाओं से मिलकर बना होता है। शरीर की जरूरत के हिसाब से ये कोशिकाएं बनती रहती हैं। मगर ये बनना अनियंत्रित हो जाए या फिर शरीर की मांग और जरूरत के हिसाब से बनना बंद हो जाए तो कोशिकाओं का यह अनियंत्रित विकास कैंसर कहलाता है।
- इसकी शुरुआत एक असामान्य कोशिका के द्वारा होती है।
- कोशिका के आनुवंशिक पदार्थ में बदलाव की शुरुआत कैंसर होता है।
- यह परिवर्तन दो तरह से होते हैं।
- पहला, अपने आप परिवर्तन होना शुरू हो जाए।
- दूसरा, कुछ अन्य घटक और तत्वों के माध्यम से परिवर्तन हो जैसे, तंबाकू, वायरस और रेडिएशन इत्यादि।
- इसमें कोशिकाओं का नियंत्रण खत्म हो जाता है।
- कोशिकाएं लगातार वृद्धि करने लगती हैं।
- कैंसर की कोशिका शरीर के किसी भी ऊतक ( Tissue ) में विकसित हो सकती है।
- ये कोशिकाएं अपने आस पास के ऊतकों पर भी आक्रमण कर देती हैं।
- कैंसर की कोशिका शरीर में एक जगह से दूसरी जगह तक फैलती जाती है।
ट्यूमर क्या होता है ?
ये कोशिकाएं जैसे ही बढ़ती जाती हैं और संख्या में बहुत हो जाती हैं तो इनका एक समूह बन जाता है, यह एक समूह का रूप ले लेती है जिसको ट्यूमर ( tumour) कहते हैं।
कैंसर: जानिए सबकुछ
- फोटो : Amar Ujala
हर साल 4 फरवरी को विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है और लक्ष्य होता है कैंसर से बचाव, इसके प्रति जागरूकता और इसका निवारण। कैंसर जैसे नाम को सुनकर पहली तस्वीर बनती है जानलेवा बीमारी की। मगर सकारात्मक सोच और रोजमर्रा की जिंदगी में थोड़ा सा बदलाव हमेशा के लिए हमें इस खतरनाक बीमारी से दूर रख सकता है। 4 फरवरी यानि 'वर्ल्ड कैंसर डे 2020' जिसकी थीम है आई एम आई विल ( 'I Am and I Will' ) मतलब अपने आप में बड़ा संदेश भी है और मकसद भी, 'मैं कैंसर से लड़ सकता हूं और लड़ूंगा'। आइए जानते हैं क्या है कैंसर ? और कैसे थोड़ी सी सावधानी से बच सकते हैं इस रोग से।
कैंसर क्या होता है ?
मानव शरीर बहुत सारी कोशिकाओं से मिलकर बना होता है। शरीर की जरूरत के हिसाब से ये कोशिकाएं बनती रहती हैं। मगर ये बनना अनियंत्रित हो जाए या फिर शरीर की मांग और जरूरत के हिसाब से बनना बंद हो जाए तो कोशिकाओं का यह अनियंत्रित विकास कैंसर कहलाता है।
- इसकी शुरुआत एक असामान्य कोशिका के द्वारा होती है।
- कोशिका के आनुवंशिक पदार्थ में बदलाव की शुरुआत कैंसर होता है।
- यह परिवर्तन दो तरह से होते हैं।
- पहला, अपने आप परिवर्तन होना शुरू हो जाए।
- दूसरा, कुछ अन्य घटक और तत्वों के माध्यम से परिवर्तन हो जैसे, तंबाकू, वायरस और रेडिएशन इत्यादि।
- इसमें कोशिकाओं का नियंत्रण खत्म हो जाता है।
- कोशिकाएं लगातार वृद्धि करने लगती हैं।
- कैंसर की कोशिका शरीर के किसी भी ऊतक ( Tissue ) में विकसित हो सकती है।
- ये कोशिकाएं अपने आस पास के ऊतकों पर भी आक्रमण कर देती हैं।
- कैंसर की कोशिका शरीर में एक जगह से दूसरी जगह तक फैलती जाती है।
ट्यूमर क्या होता है ?
ये कोशिकाएं जैसे ही बढ़ती जाती हैं और संख्या में बहुत हो जाती हैं तो इनका एक समूह बन जाता है, यह एक समूह का रूप ले लेती है जिसको ट्यूमर ( tumour) कहते हैं।
World cancer day 2020 जानिए: कैंसर कितने प्रकार का होता है ?
कैंसर कितने प्रकार का होता है
- फोटो : Amar Ujala
कैंसर के कई प्रकार होते हैं। जो मानव शरीर के अलग-अलग अंगों को प्रभावित करता है। उनमें से निम्नलिखित इस प्रकार है,
ब्रेस्ट कैंसर ,सर्वाइकल कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, ओरल कैंसर, गर्भाशय कैंसर, लंग कैंसर, पेट का कैंसर, ब्लड कैंसर, बोन कैंसर, अंडाशय कैंसर, लीवर कैंसर, योनि कैंसर, स्किन कैंसर, ब्लड कैंसर, ब्रेन कैंसर, किडनी कैंसर, अंडकोष कैंसर और कोलेस्ट्रॉल कैंसर।
World cancer day 2020 जानिए: कैंसर के चरण
कैंसर के चरण
- फोटो : Amar Ujala
- ल्यूकेमिया और लिम्फोमा- यह दोनों ही ब्लड कैंसर है और दोनों ही ब्लड सेल में बनने वाली कोशिकाओं से होते हैं। लिम्फोमा लिम्फ नोड्स से शुरू होता है।
- कार्सिनोमा- कैंसर का एक आम प्रकार होता है और इसकी शुरुआत त्वचा के एपिथीलियम ऊतक से होती है।
- सारकोमा- जो ऊतक एक दूसरे से जुड़े होते हैं। यह उनके आपसी संपर्क की वजह से हो जाने से होता है। 'सारकोमा' एक-दूसरे से जुड़े ऊतकों में हो जाने वाले ट्यूमर को कहते हैं।
जानिए कैंसर की अवस्थाएं-
- शरीर के टिश्यूज की गहराई में ज्यादा नहीं फैलता है। कैंसर की पहली और दूसरी अवस्था में ट्यूमर छोटा होता है। इस अवस्था में इससे आसानी से ठीक किया जा सकता है।
- तीसरी अवस्था में कैंसर विकसित हो चुका होता है और इसके अन्य अंगों में फैलने की संभावना बढ़ती चली जाती है।
- कैंसर की चौथी अवस्था आखिरी और खतरनाक अवस्था होती है। इसमें कैंसर अन्य अंगों में तेजी से फैल जाता है। इसे मैटास्टेटिक कैंसर कहा जाता है।
World cancer day 2020 जानिए: कैंसर के लक्षण
कैंसर के लक्षण
- फोटो : Amar Ujala
- अंगों में दर्द उठना, असहज महसूस करना।
- ब्लीडिंग- कैंसर में प्रारंभिक अवस्था में खून आ सकता है क्योंकि रक्त वाहिकाएं कमजोर होने लगती हैं। जैसे-जैसे कैंसर बढ़ता है ब्लीडिंग ज्यादा होना शुरू हो जाती है। जिस जगह कैंसर होता है उसी जगह ब्लीडिंग को निर्धारित करती है।
- ब्लड क्लॉट्स- कैंसर में शरीर के अंदर कुछ ऐसी प्रतिक्रिया होने लगती है जिनसे ब्लड क्लॉट्स यानि शरीर में रक्त जमने लगता है।
- शरीर का कमजोर होना- बहुत ज्यादा दुर्बल महसूस करता है व्यक्ति और हर समय कमजोरी रहती है।
- जल्दी थक जाना- बहुत ज्यादा थकान महसूस करना, वजन घटने लगता है।
- लिम्फ नोड्स में सूजन- जैसे ही कैंसर शरीर में फैलने लगता है वैसे ही सबसे पहले वो लिम्फ नोड्स पर प्रभाव डालता है। लिम्फ नोड्स में फैलता है और जिससे सूजन हो जाती है।
- सांस से सम्बंधित परेशानी होना- श्वसन तंत्र में दिक्कत आने लगती है।
- अनुभूति में परिवर्तन महसूस होना।
- मस्कुलर लक्षण- तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करता है और रीढ़ की हड्डी को संकुचित करता है।
- भ्रम, चक्कर, आंखों की रौशनी का कम होना जैसी स्थिति भी पैदा करता है।
( पूर्ण एवं सटीक जांच के बाद ही कैंसर का पता चलता है )
World cancer day 2020 जानिए: कैंसर के कारण
कैंसर के कारण
- फोटो : Amar Ujala
- आनुवंशिक वजह से भी कैंसर हो सकता है। कभी-कभी सिंगल जीन भी इसकी वजह बन जाता है।
- गलत खान-पान की आदत, आहार की गलत आदत भी कैंसर की तरफ ले जा सकती है।
- बहुत बार कैंसर की वजह उम्र से संबंधित भी होती है।
- पर्यावरणीय कारक- वायु, पानी और तंबाकू का धुआं इत्यादि के संपर्क में रहने से भी बढ़ता है।
- इंफेक्शन- बहुत बार इन्फेक्शन भी कैंसर की वजह बनता है। हेपेटाईटीस बी और हेपेटाईटीस सी वायरस से भी कैंसर हो सकता है।
World cancer day 2020 जानिए: कैंसर का निदान: परीक्षण
कैंसर का निदान: परीक्षण
- फोटो : Amar Ujala
सही समय पर चिकित्सक के दिशा निर्देश से भी कैंसर का निदान किया जा सकता है। शुरुआत में ही अगर कैंसर को लेकर सचेत हो जाएं तो इससे बचाव हो सकता है।
- शारीरिक परीक्षण।
- प्रयोगशाला परीक्षण।
- इमेजिंग परीक्षण।
- बायोप्सी परीक्षण।
World cancer day 2020 जानिए: कैंसर का उपचार
कैंसर का उपचार
- फोटो : Amar Ujala
- कैंसर का उपचार बहुत सारे तरीकों से किया जाता है।
- यह कैंसर की अवस्था के ऊपर निर्भर करता है कि कैंसर किस स्टेज का है और मरीज की अवस्था कैसी है।
- कैंसर मरीज के शरीर में कितना विकसित हो चुका है।
- उपचार के तरीकों में शामिल है,
- सर्जरी,रेडिएशन थेरेपी, कीमोथेरेपी, इम्यूनोथेरपी, टारगेटेड थेरेपी, हार्मोन थेरेपी, स्टेम सेल प्रत्यारोपण थेरेपी और प्रेसिजन मेडिसिन।
World cancer day 2020 जानिए: कैंसर की रोकथाम
कैंसर की रोकथाम
- फोटो : Amar Ujala
कैंसर की रोकथाम के लिए कोई निश्चित तरीका नहीं है पर अगर एहतियात रखी जाए और सही समय पर चिकित्सकों की मदद ली जाए तो इस रोग से बचाव हो सकता है। जैसे,
- धूम्रपान से बचना
- संतुलित आहार
- व्यायाम
- शराब के सेवन से बचें
- सूरज की यूवी किरणों से बचाव (स्किन कैंसर)
- सही इलाज और कंसल्टेंसी
- समय-समय पर शारीरिक परीक्षण और जांच -पड़ताल।
World cancer day 2020 जानिए: भारत में कैंसर के प्रकार
जानिए कैंसर रोग के बारे में सबकुछ
- फोटो : Amar Ujala
भारत में कैंसर के प्रकार ( सबसे ज्यादा किस तरह का कैंसर है)
भारत में सबसे ज्यादा मुंह, फेफड़ों, स्तन, सर्वाइकल और प्रोस्टेट का कैंसर देखने को मिलता है। जिसके अंतर्गत 60 फीसदी मामले मुंह, स्तन एवं गर्भाशय कैंसर से जुड़े होते हैं। देश सर्वाधिक मौतें मुंह के कैंसर के कारण होती हैं और इसका मुख्य कारण धूम्रपान और तंबाकू का सेवन है।
भारत में कैंसर की बीमारी से पीड़ित कितने फीसदी महिला और पुरुष हैं?
पुरुष
- लंग कैंसर- 10.6 फीसदी
- स्टमक कैंसर- 7.6 फीसदी
- प्रोस्टेट कैंसर- 7 फीसदी
- ब्रेन कैंसर- 5 फीसदी
महिलाएं
- ब्रेस्ट कैंसर- 27.5 फीसदी
- गर्भाशय कैंसर-12.3 फीसदी
- माउथ कैंसर- 3.9 फीसदी
- अंडाशय कैंसर- 5.5 फीसदी
महत्वपूर्ण जानकारी-
- 80 फीसदी कैंसर के मरीजों का पता एडवांस स्टेज में चलता है।
- 2018 में दुनियाभर में कैंसर से 96 लाख से ज्यादा मौतें हुई थी।
- विकासशील देशों में कैंसर की बीमारी से मरने वालों की तादाद 70 फीसदी है।
- 22 फीसदी मरीजों को कैंसर तंबाकू के सेवन से हो रहा है।
- भारत में एडवांस स्टेज में कैंसर का पता चलता है, ये ही वजह है कि भारत में कैंसर से मरने वाले मरीजों की संख्या 68 फीसदी से भी ज्यादा है।
- GLOBOCAN की रिपोर्ट के मुताबिक, अगले 18 सालों में भारत में कैंसर की बीमारी का खतरा 70 फीसदी तक बढ़ सकता है।
- साल 2016 में भारत में कैंसर के मरीजों के 14.5 लाख नए केस सामने आए थे।
- सरकार ने कैंसर की बीमारी के चार प्रकार को प्राथमिकता में रखा है।
- इनमें से पहले नंबर पर ब्रेस्ट कैंसर है।
- कैंसर की बीमारी में 41 फीसदी खतरा ब्रेस्ट कैंसर, सर्विकल (ग्रीवा) कैंसर, ओरल कैंसर और लंग कैंसर का है।
- भारत ने साल 2012 में अपने जीडीपी का 0.36 फीसदी कैंसर पर खर्च किया था।
- साल 2016 की ICMR की रिपोर्ट की बात करें तो भारत में कैंसर के मरीजों की संख्या 14 लाख से ज्यादा है।
- भारत में हर साल 10 लाख मरीज कैंसर की बीमारी का इलाज कराते हैं।
Bibliography And References-
*(आंकड़ें- वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन और नेशनल कैंसर रजिस्ट्री (ICMR))
*GLOBOCAN रिपोर्ट,The Global Cancer Observatory (GCO) is an interactive web-based platform presenting global cancer statistics to inform cancer control and research.
(WHO).
*Available from
https://gco.iarc.fr/
*
New Global Cancer Data: GLOBOCAN 2018 | UICC
*Available from
https://www.uicc.org/news/new-global-cancer-data-globocan-2018
*Available from
Cancer research in India:Challenges & opportunities
*Available from
https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC6362726/
*Available from
https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC4734938/
*
Historical review of the causes of cancer
*World Cancer Research Fund/American Institute for Cancer Research. Food, Nutrition, Physical Activity, and the Prevention of Cancer: a Global Perspective,
Washington, DC: AIRC, 2007.
*Available from:
https://www.wcrf.org/dietandcancerexpert_report/report_contents/index.php.
* भारत में कैंसर के 14 लाख मरीज, 2018 में दुनियाभर में 96 लाख मौतें
Available from
https://www.amarujala.com/lifestyle/fitness/world-cancer-day-special-cancer-rate-doubles-in-india?pageId=5
नोटः यह लेख आपकी जागरूकता और समझ बढ़ाने के लिए साझा किया है। यदि आप संबंधित किसी बीमारी अथवा लक्षण से खुदको ग्रसित पाते हैं तो होगा अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।