कांग्रेस नेता कीर्ति आजाद ने कहा कि वर्ष 2015 के दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान अरविंद केजरीवाल ने जनता से 70 वायदे किये थे। इन मुद्दों में लोगों को 'स्वच्छ पेय जल का अधिकार' देने की बात भी की गई थी। अगर दिल्ली सरकार ने जनता को यह अधिकार दे दिया होता तो यह उनका कानूनी अधिकार बन जाता जिसे पूरा न करने पर जिम्मेदार अधिकारी को जेल हो जाती। लेकिन आज चूंकि दिल्ली जल बोर्ड के चेयरमैन स्वयं अरविंद केजरीवाल हैं, इसलिए आज दिल्ली को साफ पानी सप्लाई न करने के कारण उन्हें ही जेल हो जाती।
मंगलवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता कीर्ति आजाद ने कहा कि अरविंद केजरीवाल पूरी दिल्ली को फ्री पानी देने का ढिंढोरा पीट रहे हैं। उन्हें स्पष्ट तौर पर बताना चाहिए कि उनके पांच साल के शासनकाल के दौरान कितने बच्चों की मौत डायरिया जैसी बीमारी से हुई जो प्रदूषित पानी के कारण होता है।
उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के केवल 13% परिवारों को मुफ्त पानी दिया। जबकि दूसरी तरफ पूरी दिल्ली को गंदा पानी पिलाया। लोगों को बीमार बनाया और डिस्पेंसरीज़ का चक्कर लगवाया। उन्हें इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
आज़ाद ने कहा कि साल 2011 में दिल्ली में 33.41 लाख परिवार थे जिनके 2019 में लगभग 42 लाख होने का अनुमान है। दिल्ली सरकार की अपनी रिपोर्ट मुताबिक इनमें से केवल 5.5 लाख परिवार प्रति महिना ही इस योजना का लाभ ले रहे हैं। यह दिल्ली के कुल परिवारों का 13% होता है। सरकार इस योजना पर 37.68 करोड़ रुपया प्रति महीना सब्सिडि दे रही है। लेकिन इतना करने के बाद भी पूरी दिल्ली को साफ पानी उपलब्ध नहीं कराया जा सका है। केंद्र की रिपोर्ट बताती है कि दिल्ली का पानी सभी मानकों पर फेल साबित हुआ है।
कीर्ति आज़ाद ने एक रिपोर्ट के हवाले से बताया कि दिल्ली के सरकारी हस्पतालों व डिस्पेंसरीज़ में पिछले पाँच वर्षों में डायरिया के 27.71 लाख, टाइफ़ाइड के 2.80 लाख और कॉलरा के 21 हज़ार केस सामने आए थे। डॉक्टर इन बीमारियों के लिए गंदे पानी को जिम्मेदार मानते हैं।