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Politics: खरगे बोले- केंद्र सरकार का कौशल भारत मिशन अधूरा, युवाओं का भविष्य बर्बाद; मंत्री ने दिया यह जवाब

Fri, 23 Feb 2024 06:30 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

प्रधान ने कहा, खरगे जिन 40 करोड़ लोगों का हवाला दे रहे हैं, वह हमारी कुल आबादी के कामकाजी उम्र के लोगों की अनुमानित संख्या के बराबर है। प्रधान ने कहा, 2015 के बाद सात करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार योग्य कौशल दिया गया है।
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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खऱगे - फोटो : ANI
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विस्तार
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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार के प्रमुख कौशल भारत मिशन पर तीखा हमला करते हुए दावा किया कि वह अपने वादों को पूरा करने में विफल रही है। सोशल मीडिया पोस्ट पर खरगे ने लिखा, 2015 में 2022 तक 40 करोड़ (400 मिलियन) लोगों को प्रशिक्षित करने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के साथ शुरू किया गया मिशन दिसंबर 2023 तक सिर्फ 3.5 फीसदी लोगों को प्रशिक्षित करने में कामयाब रहा है।

खरगे ने लिखा कि बस इतना ही नहीं। जिन्हें इस मिशन के तहत प्रशिक्षण दिया गया उनमें से करीब 83 फीसदी बेरोजगार हैं और 20 फीसदी ने तो मिशन छोड़ दिया। इसके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष ने 2015 के बाद से कौशल प्रशिक्षण केंद्रों में 94% की कमी की ओर इशारा करते हुए कार्यक्रम की पहुंच के बारे में चिंता जताई। 

कांग्रेस सिर्फ गलत सूचना  जालसाजी, धोखे के सहारे ही टिक सकती : प्रधान

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खरगे के बयान पर पलटवार करते हुए केंद्रीय शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, कांग्रेस सिर्फ गलत सूचना, जालसाजी और धोखे के सहारे ही टिकी रह सकती है। खरगे साहब भी यह बात अच्छे से जानते हैं। लेकिन अक्सर झूठ फैलाने की जल्दबाजी में कांग्रेस आंकड़ों को गलत तरीके से पेश करती है।

प्रधान ने कहा, खरगे जिन 40 करोड़ लोगों का हवाला दे रहे हैं, वह हमारी कुल आबादी के कामकाजी उम्र के लोगों की अनुमानित संख्या के बराबर है। प्रधान ने कहा, 2015 के बाद सात करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार योग्य कौशल दिया गया है। इसमें खरगे जिस 3-4 फीसदी यानी 1.5 करोड़ युवाओं की बात कर रहे हैं उन्हें कौशल भारत के एक घटक पीएम कौशल विकास योजना के तहत कुशल बनाया गया है।  यही नहीं केंद्र सरकार के 20 से अधिक मंत्रालय, राज्य और उद्योग संचालित कौशल संस्थान भी बड़े पैमाने पर युवाओं को कौशल प्रदान कर रहे हैं। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) के 43 फीसदी लाभार्थियों को कार्यबल में शामिल कर लिया गया है।

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