राज्यसभा में आज सभापति जगदीप धनखड़ विपक्षी सदस्यों के व्यवहार से काफी आहत दिखे। उन्होंने विपक्षी नेताओं के व्यवहार पर कहा कि विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे संविधान की कीमत पर अपनी बात मनवाने पर अड़े हुए हैं। वहीं आज दोपहर में निर्धारित समय से पहले ही स्थगित किए गए उच्च सदन में दिन भर नारेबाजी और तीखी नोकझोंक देखने को मिली। विपक्षी सदस्यों ने पिछले हफ्ते खरगे का कथित तौर पर अपमान करने के लिए भाजपा सांसद घनश्याम तिवारी से माफी मांगने की मांग की थी, जिसे सभापति जगदीप धनखड़ ने खारिज कर दिया।
खरगे और घनश्याम तिवारी के बीच सुलझा था मामला
वहीं कांग्रेस सदस्य जयराम रमेश की तरफ से यह मामला उठाए जाने के बाद उच्च सदन में हंगामा हुआ कि घनश्याम तिवारी ने खरगे से अपने 'परिवारवाद' वाले बयान के लिए माफी मांगी है, लेकिन सभापति ने इसे यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यह मामला उनके कक्ष में खरगे और घनश्याम तिवारी के बीच हुई बैठक में पहले ही सुलझ चुका है और भाजपा सदस्य ने वास्तव में विपक्ष के नेता की प्रशंसा की थी।
पूरा देश सभापति के साथ खड़ा है- जेपी नड्डा
इसके बाद भी विपक्ष की अपनी मांगों पर अड़े रहने के बीच सदन के नेता जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि पूरा देश सभापति के साथ खड़ा है और उनके व्यवहार को अत्यंत अशोभनीय और गैरजिम्मेदाराना करार देते हुए कहा कि वे राजनीति में इतने नीचे गिर गए हैं कि एक पार्टी का विरोध करते हुए, एक व्यक्ति का विरोध करते हुए, अब वे देश का विरोध कर रहे हैं।
'खरगे संविधान की कीमत पर अपनी बात मनवाने पर अड़े हैं'
इस नारेबाजी के बीच सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा, खरगे आप संविधान की कीमत पर अपनी बात मनवाने पर आमादा हैं, आप ऐसा कर रहे हैं। यह मर्यादा का अभाव है, लोकतंत्र का अनादर है, संविधान का अनादर है, आप अपने दायित्वों से विमुख हो रहे हैं, आप अपने कर्तव्य से विमुख हो रहे हैं, वे भाग नहीं लेना चाहते, वे केवल अराजकता पैदा करना जानते हैं, मैं हैरान हूं, बिल्कुल, राष्ट्र प्राथमिकता है, राष्ट्र हमेशा पहले है।
जया बच्चन और सभापति के बीच तीखी नोकझोंक
बता दें कि उच्च सदन में आज सभापति जगदीप धनखड़ की अभिनेता-राजनेता और सपा सदस्य जया बच्चन के साथ भी तीखी नोकझोंक हुई, जिन्होंने प्रश्नकाल के दौरान सभापति के स्वर पर आपत्ति जताई थी।