रेहाना अहमद का कहना है कि पुलिस उनको पहले असम क्यों भेजना चाहती है। दूसरी बात, पुलिस शव को ट्रेन से क्यों भेजना चाहती है। उन्होंने कहा, वे बेटे के शव के साथ कोलकाता आईं थीं और पिछले करीब 21 दिनों से बेटे के शव के इंतजार में बैठी हैं। बेटे के शव के साथ ही वापस जाएंगी। उन्होंने कहा, शायद कोर्ट ने तो अपने निर्देश में ऐसा नहीं कहा है। दूसरी ओर इस संबंध में पश्चिम मेदिनीपुर के एसपी ने कहा, कोर्ट के आदेसानुसार आईओ इस संबंध में कार्रवाई कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि कलकत्ता हाईकोर्ट ने बुधवार को तीन दिन के अंदर शव को असम वापस भेजने का निर्देश पुलिस को दिया है।
रेहाना अहमद ने कहा, मैंने पुलिस से विनती की है कि कृपया शव को ट्रेन से नहीं भेजें। असम से जैसे शव को लेकर आए थे, उसी तरीके से वापस भेजें। शव को असम अगर ट्रेन से भेजा जाता है तो तीन दिन लगेंगे। इतने दिनों में शव को और नुकसान होगा। साथ ही उन्होंने खड़गपुर पुलिस से कह दिया है कि वे शव के साथ आईं थीं और वे शव के साथ ही वापस जाएंगी। वे पहले असम वापस नहीं जाएंगी। उन्होंने कहा, कोर्ट ने अपने निर्देश में शव को ले जाने में आने वाले खर्च को राज्य सरकार वहन करेगी कहा है तो फिर पुलिस शव को ट्रेन से क्यों ले जाना चाहती है, मैं समझ नहीं पा रही हूं।
इस संबंध में पश्चिम मेदिनीपुर के एसपी धृतिमान सरकार ने कहा कि कोर्ट के आदेशानुसार इस पर आईओ कार्रवाई कर रहे हैं।