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Khabron Ke Khiladi: अरविंद केजरीवाल को मिली जमानत का हरियाणा विधानसभा चुनाव पर कितना होगा असर?

Sat, 14 Sep 2024 05:08 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Khabron Ke Khiladi: हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में अगले महीने विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जमानत मिल चुकी है। उनको जमानत मिलने का हरियाणा चुनाव पर क्या असर होगा? इस हफ्ते 'खबरों के खिलाड़ी' में इसी मुद्दे पर चर्चा हुई। चर्चा में वरिष्ठ पत्रकार रामकृपाल सिंह, समीर चौगांवकर, पूर्णिमा त्रिपाठी, अवधेश कुमार और राकेश शुक्ल मौजूद रहे। 
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खबरों के खिलाड़ी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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हरियाणा और जम्मू कश्मीर में चुनावी सरगर्मी के बीच आम आदमी पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल को जमानत मिल गई। केजरीवाल को जमानत मिलने का हरियाणा के विधानसभा चुनाव पर क्या असर होगा? हरियाणा में आम आदमी पार्टी किसके वोट काटेगी? प्रचार के दौरान केजरीवाल, भाजपा या कांग्रेस, दोनों में से किस पर ज्यादा हमलावर रहेंगे? इन्हीं मुद्दों पर इस हफ्ते खबरों के खिलाड़ी में चर्चा हुई। चर्चा के लिए वरिष्ठ पत्रकार रामकृपाल सिंह, समीर चौगांवकर, पूर्णिमा त्रिपाठी, अवधेश कुमार और राकेश शुक्ल मौजूद रहे। 

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समीर चौगांवकर: यह तय था कि अरविंद केजरीवाल को जमानत मिलने वाली है। जिस तरह से मनीष सिसोदिया और हेमंत सोरेन को जमानत मिली थी, उससे यह तय था कि केजरीवाल अब बाहर आ जाएंगे। जहां तक हरियाणा चुनाव की बात है तो लोकसभा चुनाव के दौरान भी केजरीवाल जमानत पर बाहर आए थे। इसका कितना असर हुआ था? यह भी देखना होगा। इस समय हरियाणा के चुनाव में भाजपा बनाम कांग्रेस की लड़ाई दिख रही है। अब यह देखना होगा कि केजरीवाल चुनाव प्रचार के दौरान क्या कांग्रेस पर तीखा हमला करेंगे या सिर्फ भाजपा पर हमलावर रहेंगे? जहां तक हरियाणा चुनाव में उनकी मौजूदगी के असर का है तो मुझे नहीं लगता कि कुछ खास असर होगा। ये जरूर है आप कार्यकर्ताओं का उत्साह उनकी रिहाई से बढ़ा होगा। 

अवधेश कुमार: पूरी राजनीति नरेटिव और ईको सिस्टम पर चल रही है। संविधान खत्म होने और आरक्षण का नरेटिव ऐसा चला कि उसका असर हमने लोकसभा चुनाव में देखा है। हरियाणा के चुनाव में अरविंद केजरीवाल असर डालेंगे, ऐसा अभी तक तो नहीं लगता है। अरविंद केजरीवाल विपक्षी गठबंधन के वक्ताओं से अलग किस्म के वक्ता हैं। जो उन्होंने कल बोला है वो विपक्षी गठबंधन में कोई नहीं बोलता है। इस समय विपक्ष की एक रणनीति है कि भाजपा समर्थकों के अंदर भ्रम पैदा करो और उन्हें यह बताने की कोशिश करो कि आपके लिए केवल हम लड़ रहे हैं। 
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पूर्णिमा त्रिपाठी: मुझे लगता है कि आम आदमी पार्टी हरियाणा में कांग्रेस के लिए थोड़ी मुश्किल तो डालेगी। अगर गठबंधन हो गया होता तो शायद कांग्रेस के लिए थोड़ा आसान होता। हो सकता है कि अरविंद केजरीवाल भाजपा के खिलाफ ज्यादा आक्रामक हों, लेकिन उनकी राजनीति जो रही है वो दिखाती है कि वो जहां गए हैं, वहां उन्होंने कांग्रेस को ज्यादा नुकसान पहुंचाया है। हरियाणा में कांग्रेस के साथ आप, भाजपा को भी नुकसान पहुंचाएगी। किसे ज्यादा नुकसान पहुंचा, यह तो 8 अक्तूबर को पता चलेगा। 



राकेश शुक्ल: केजरीवाल के आने का असर यह देखिए कि मई में जब वो आए तो उन्होंने नरेटिव गढ़ा कि अगर भाजपा की 400 सीटें आ गईं तो सबसे पहले योगी सरकार जाएगी। इसका असर हमने लोकसभा चुनाव के नतीजों में देखा। वोट के रूप में केजरीवाल भले हरियाणा में बहुत असर नहीं डालें, लेकिन नरेटिव के रूप में वो बड़ा असर डाल सकते हैं। हरियाणा में पर्ची-खर्ची और नौकरी वाला जो चलना था वो बंद हुआ है। ये भाजपा के लिए प्लस है। भाजपा के लिए चेहरे का अभाव बड़ा संकट है। कांग्रेस के पास भूपेंद्र हुड्डा जैसा चेहरा आज भी प्रभावी है। 
 
रामकृपाल सिंह: अरविंद केजरीवाल के मामले में कल की घटना यह है कि अरविंद केजरीवाल को बेल मिल गई है, लेकिन मुख्यमंत्री अभी भी जेल में हैं। केजरीवाल की पार्टी को जो भी सफलता मिली है वो कांग्रेस को रिप्लेस करके मिली है। अब वह कोशिश कर रहे हैं कि कांग्रेस को रिप्लेस करके देश की दूसरे नंबर की पार्टी बन जाएं। आम आदमी पार्टी का लक्ष्य यही है। केजरीवाल अगर हरियाणा में जाएंगे तो किसका वोट पाएंगे? मुझे लगता है कि उनके जाने से भाजपा विरोधी वोट में सेंध लगेगी।

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